बोले अयोध्या...मिले सुरक्षा और समाधान तो कारोबार में और आए जान
Ayodhya News - अयोध्या के गुलाबबाड़ी मैदान में हर गुरुवार साप्ताहिक बाजार लगती है, जहां 500 से अधिक दुकानदार आते हैं। हालांकि, दुकानदारों को बिजली, पानी, सफाई और पार्किंग की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बारिश में जलभराव होने से भी परेशानी होती है। स्थानीय प्रशासन से बेहतर सुविधाओं की मांग की जा रही है।

महानगर अयोध्या आध्यात्मिक नगरी के साथ व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी कारोबारियों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। यहां अयोध्या कैंट शहर के ऐतिहासिक गुलाबबाड़ी के एफवाई मैदान पर पिछले डेढ़ दशक से प्रत्येक गुरूवार को साप्ताहिक बाजार लगती है। 500 से अधिक कारोबारी अयोध्या और आसपास इलाकों के साथ कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, सुलतानपुर आदि जनपदों से अपने सामान लाकर इस बाजार में बेचते हैं। लेकिन बाजार में दुकानदारों को ही नहीं खरीदारों को भी कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऊबड़-खाबड़ मैदान पर बाजार लगती है।‘हिन्दुस्तान’ ने गुरुवार की इस साप्ताहिक बाजार का जायजा लिया और दुकानदारों से बाचीत की तो उन्होंने अपनी समस्याओं को एकत्र होकर साझा किया।
पेश है एक रिपोर्ट... अयोध्या। अयोध्या कैंट शहर में प्रत्येक गुरुवार को साप्ताहिक बाजार स्थानीय गुलाबबाड़ी मैदान में लगती है। यह बाजार इतनी बड़ी होती है तो सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक 500 से अधिक दुकाने केवल मैदान में लगती हैं। इसके अलावा रीडगंज से देवकाली को जोड़ने वाले ओवरब्रिज तक सड़क पर भी 200 से अधिक दुकाने फुटपाथ पर लगायी जाती है। यहां दुकान लगाने वाले कारोबारियों की समस्याओं और उनके सुझाव को जानने का प्रयास किया गया। इस बाजार में अयोध्या के अलावा कानपुर, लखनऊ, सुलतानपुर और बाराबंकी तक के कारोबारी अपना माल यहां लाकर बेचते हैं। लेकिन दुकानदारों के समक्ष कारोबार स्थल पर बिजली, पानी, सफाई और पार्किंग की समस्या सबसे बड़़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां अगर आग लगने या भगदड़ की स्थिति बनती है तो सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं रहते। हालांकि नगर कोतवाली क्षेत्र के अलीगढ़ चौकी क्षेत्र की पुलिस सड़क पर यातायात व्यवस्था को बनाये रखने का प्रयास करती है। लेकिन गुलाबबाड़ी मैदान के बाहर सड़क पर सैकड़ों मोटरसाइकिलों के खड़े होने के साथ सड़क के दोनो ओर सैकड़ों दुकाने लगने से अपराह्न एक बजे से लेकर शाम सात बजे तक जाम रहता है। अयोध्या के गुलाबबाड़ी स्थित मैदान मे गुरुवार को लगने वाली साप्ताहिक बाजारों मे जनपद की सबसे बड़ी बाजारों मे से एक है। इस साप्ताहिक बाजार मे लखनऊ,बाराबंकी,रुदौली,गोसाईगंज,दरियाबाद,जैदपुर मवई सहित अन्य जनपदों व दूर दराज क्षेत्र से दुकानदार दुकान लेकर आते हैं। बारिश के मौसम मे इन दुकानदारों को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है। थोड़ी सी ही बारिश होने से पूरे मैदान मे जलभराव हो जाता है जिससे दुकानदारों व ग्राहकों दोनों को परेशानी होती है। दुकानदारों का कहना है कि जलभराव होने पर हम लोग 10 से 20 रूपए चन्दा लगाकर खुद पंप मंगवाकर बाजार के मैदान से पानी बाहर निकलवाते हैं। लखनऊ से दुकान लेकर आए दुकानदारों का कहना है कि कम लोगों का जो सुविधा मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है। यदि हम लोगों की मदद प्रशासन मन से करे तो यह बाजार जनपद की सर्वश्रेष्ठ बाजारों मे से एक हो जाएगी। बात अगर साप्ताहिक बाजार में दुकाने लगाने वाले कारोबारियों के लिए परिवारों की रोजी-रोटी का यही एक माध्यम हैं। एक कारोबारी का कहना है कि वह लोग 100 रुपए 500 रुपए तक का रेडीमेड कपड़े की दुकान लगाते हैं। उनकी कोई दुकान नहीं है। महीने में चारों सप्ताह में 10 से 15 हजार रुपए की कमाई होती है। लेकिन इतनी कम आमदनी में परिवार चलाना मुश्किल होता है। इस साप्ताहिक बाजार के अलावा कोई अन्य दुकान या कारोबार नहीं है। इसी में बच्चों की पढ़ाई और घर चलाना होता है। एक फोल्डिंग पलंग या तख्त लगाकर कोई दुकान आठ से 10 फीट की जगह में और कोई कारोबारी 50 से 100 वर्ग फीट में अपनी दुकान सजाता है। इस व्यवसाय से उन्हें परिवार चलाने लायक कमाई हो जाती है। लेकिन दुकानें लगाने के समय दुकानदारों के बीच अक्सर वाद-विवाद की भी स्थिति पैदा हो जाता है। कारोबारियों को अपने ठौर-ठिकानों से दुकान भर का सामान रिक्शे-ठेले या अन्य साधनों से लाद कर बाजार लाना पड़ता है। दुकान सजाने और रात होते-होते उसे समेट कर वापस ले जाने तक वे किन मुश्किलों का सामना करते हैं। कोई ठेले पर तो कोई मिनी ट्रक से सामान लाता है और बाजार बंद होने के बाद उसे उसी साधन से वापस ले जाता है। पुलिस प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों की साप्ताहिक बाजार के सुचारु रूप से चलने में समन्वय बना हुआ है। हालांकि इस साप्ताहिक बाजार का अपना कोई वजूद नहीं है और न ही यहां के कारोबारियों का अपना कोई संगठन या प्रतिनिधित्व है। लगभग 500 से 600 की संख्या में दुकानदार इस साप्ताहिक बाजार में अपनी जरूरत का सामान लेने आते हैं। इन कारोबारियों की प्रमुख मांग है कि मैदान को समतल कराया जाए, अग्नि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हों और पेयजल तथा सड़क पर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तो कारोबार और बेहतर तरीके से चल सकता है। गरीबों के साथ मध्यम वर्गीय लोगों के लिए साप्ताहिक बाजार बनी मददगार: सप्ताह में किसी एक दिन शहर हो या ग्रामीण कहीं-कहीं साप्ताहिक बाजार लगती है। यह बाजारों गरीबों के साथ मध्यम वर्गीय लोगों के लिए भी काफी मददगार साबित हो रही है। साप्ताहिक बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ कपड़े, घरेलू साज सज्जा के सामान से लेकर शृंगार के संसाधन और आर्टिफिशियन ज्वेलरी भी सस्ते दामों पर मुहैया हो जाती है। 10 रुपए से लेकर 500 रुपए तक हर तरह के सामान यहां उपलब्ध रहते हैं, जिसे आम लोग भी आसानी से खरीदकर अपना काम चलाते हैं। रेडीमेड कपड़े, गर्म सूट, लेडीज कपड़े और जींस, जूता से लेकर बच्चों के झूले और किचेन की सामग्री भी साप्ताहिक बाजार में उपलब्ध हो जाती है। इसी के कारण लोग साप्ताहिक बाजार में अपनी जरूरत के सामान लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। करोड़ों का होता है कारोबार पर सरकारी खजाने में नहीं जाता राजस्व: हर सप्ताह किसी न किसी दिन लगने वाली साप्ताहिक बाजारों में करोड़ों का कारोबार होता है, लेकिन दुकानदारों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है जिससे इन साप्ताहिक बाजारों सरकारी खजाने में राजस्व की कोई आय नहीं पहुंचती है। अयोध्या कैंट शहर के गुलाबबाड़ी में लगने वाली गुरुवार की साप्ताहिक बाजार में आने वाले दुकानदारों से भी प्रशासन किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लेता है। यहां के कारोबारी कहते हैं मैदान के अंदर लगने वाली दुकानों की कोई सरकारी रसीद नहीं काटी जाती है। न तो नगर निगम और न ही प्रशासन कोई शुल्क लेता है। हालांकि कुछ दुकानदारों का कहना है कि जो सड़क की पटरियों पर दुकाने लगती हैं, उनसे 50 से 100 रुपए प्रति दुकानदार वसूल किया जाता है। लेकिन इस वसूली गई धनराशि का कोई भाग सरकारी खजाने में भी नहीं पहुंचता है। जिले की विभिन्न ग्रामीण बाजारों में भी लगती है साप्ताहिक बाजार:जनपद में कई जगहों पर साप्ताहिक बाजार लगते हैं, जिनमें अमानीगंज रविवार/गुरुवार, मिल्कीपुर बुधवार, कुमारगंज सोमवार, हैरिंग्टनगंज बुधवार प्रमुख हैं। साथ ही विभिन्न ब्लॉक और कस्बों जैसे बीकापुर, भदरसा, गोसाईगंज, रूदौली, दर्शननगर, पूराबाजार, सोहावल, मसौधा, ड्योढ़ी, चौरेबाजार और मवई में भी निर्धारित दिनों में बाजार लगते हैं। इन साप्ताहिक बाजारों से स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को साप्ताहिक अवकाश और खरीदारी की सुविधा देते हैं। गुलाबबाड़ी में साप्ताहिक बाजार का हो रहा विरोध:गुरुवार को गुलाबबाड़ी मैदान में साप्ताहिक बाजार स्थापित किए जाने का विरोध भी किया जाता रहा है। विगत दिनों अयोध्या धाम समिति ने अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्त को ज्ञापन सौंप कर साप्ताहिक बाजार को गुलाबबाड़ी से हटाकर अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की है। समिति का कहना है कि गुरुवार को लगने वाली साप्ताहिक बाजार गुलाबबाड़ी मैदान में लगने से खेल गतिविधियां बाधित होंगी। समिति के संयोजक संजय महेंद्रा ने बताया कि गुलाबबाड़ी खेल मैदान से प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकले हैं। प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताएं यहां निरंतर होती रहती हैं। खेल के मैदान में प्रतिदिन क्रिकेट व हॉकी के खिलाड़ी अपनी प्रैक्टिस करने आते हैं। प्रशासन ने खिलाड़ियों के लिए उपयोगी इस मैदान में साप्ताहिक बाजार स्थापित कर दी है। संगठन की मांग है कि साप्ताहिक बाजार को गुलाबबाड़ी से हटाकर दूसरी जगह स्थापित किया जाए और गुलाबबाड़ी खेल मैदान का सुंदरीकरण कराकर खेल के लिए संरक्षित व सुरक्षित किया जाए।

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