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बोले अयोध्या:कुछ काम तो कालोनी वासियों के लिए हुआ लेकिन कुछ अभी बाकी

बोले अयोध्या:कुछ काम तो कालोनी वासियों के लिए हुआ लेकिन कुछ अभी बाकी

संक्षेप:

Ayodhya News - अयोध्या के स्टेट बैंक कॉलोनी में जलभराव और सफाई की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। 800 से अधिक मकानों की इस कॉलोनी में 10,000 से अधिक लोग जलभराव से जूझ रहे हैं। नालियों की नियमित सफाई न होने से कचरा फैल रहा है और स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। नगर निगम को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

Dec 05, 2025 05:34 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अयोध्या
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नगर निगम अयोध्या क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक कालोनी ‘बछड़ा’ लगभग 50 वर्ष पहले स्थापित हुई थी। इस कालोनी में 800 से अधिक मकान हैं। कालोनी में 10,000 से अधिक आबादी को करीब एक दशक से जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सीवर लाइन पड़ने के बाद से सड़क और जर्जर हो गयी। पाइप डालने के बाद जल निगम ने इसे कंकरीट से पाटकर इतिश्री कर ली। लेकिन आज तक खुदाई के कारण गलियों की सड़कें पूरी तरह ऊबड़-खाबड़ हैं। कालोनी में नाली तो बनी है लेकिन कई जगह से टूटी होने के कारण नाली का पानी इधर-उधर बहता रहता है।

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पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट... अयोध्या। अयोध्या शहर की स्टेट बैंक कॉलोनी में जलभराव एक गंभीर समस्या है,खासकर बरसात के मौसम में। इस समस्या से निपटने के लिए प्रभावी जल निकासी प्रणाली,नालियों की नियमित सफाई और उचित योजना की आवश्यकता है। स्टेट बैंक कॉलोनी में जल निकासी प्रणाली अपर्याप्त है,जिससे बरसात का पानी जमा हो जाता है। वैसे बड़ा नाला कालोनी से ही होकर ही गुजरता है लेकिन उचित प्रबंधन के अभाव मे कालोनी की सड़कों पर बरसात का पानी भर जाता है जिससे स्कूली छात्रों,महिलाओं व बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर हो जाता है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण वे कचरे और मलबे से भर जाती हैं,जिससे पानी का बहाव बाधित होता है। विकास कार्यों में जल निकासी को ध्यान में नहीं रखा गया जिससे जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि जल निकासी प्रणाली को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए नालियों की नियमित सफाई के साथ ही मरम्मत भी होती रहनी चाहिए। स्टेट बैंक कॉलोनी स्थित आचार्य नरेद्र देव वार्ड मे सड़कों की स्थिति भी कुछ अच्छी नहीं थी इसका मुद्दा आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने अगस्त माह में उठाया था। खबर का असर यह हुआ कि कालोनी का मुख्य मार्ग तो बनवा दिया गया लेकिन गलियों की अधिकांश सड़कें आज भी जर्जर हैं। कालोनी मे विद्युत विभाग के द्वारा सड़क के किनारे लगवाए गए ट्रांसफार्मर की जालियां टूट गई हैं जिससे कभी भी किसी के साथ घटना घट सकती है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मियों के न आने से यहां के लोगों को खुद ही सफाई करनी पड़ती है। कूड़ा उठाने की व्यवस्था न होने से कालोनी के अंदर ही कूड़े का ढेर लगा हुआ है। सड़क तो बनी लेकिन बाकी समस्या के निदान के लिए नहीं हुआ काम:अगस्त महीने के पहले सप्ताह मे आपके अपने ‘हिन्दुस्तान’ अखबार ने इस कालोनी की मुख्य सड़क का मुद्दा उठाया था। लोगों ने सड़क सही न होने से आने वाली समस्याओं को हिन्दुस्तान से साझा किया था। अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद इस कालोनी की मुख्य सड़क को बनवा दिया गया। सड़क बन जाने से हजारों की आबादी ने राहत की सांस ली। सबसे अधिक राहत पैदल व साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई क्योंकि सड़क पर फैले की कीचड़ की वजह से बच्चों के स्कूली ड्रेस व जूते सन जाते थे। सफाई न होने से लोग हैं परेशान:वैसे तो यह कालोनी 50 वर्ष से अधिक पुरानी है लेकिन इस कालोनी में नागरिक चार्टर के तहत कोई नागरिक सुविधा समुचित तरीके से प्राप्त नहीं हो रही है। कालोनी का अब तेजी से विस्तार हो रहा है। नये-नये मकान बनते जा रहे हैं। यहां कई आलीशान और भव्य मकान बने हुए हैं। लेकिन नियमित सफाई न होने से यहां के लोग परेशान हैं। सड़क के किनारे बनी नालियां टूटी पड़ी हैं। जिसका पानी इधर उधर बहता रहता है। जिससे जहां तहां कचरा फैल जाता है। इसी वार्ड मे कई जगह कूड़े का ढेर भी लगा हुआ है जिससे उठने वाली दुर्गन्ध से लोग परेशान रहते हैं। यहां झाड़ू तो लगती है लेकिन खाली पड़े प्लाटों पर जमा कूड़ा साफ नहीं किया जाता है जिससे दुर्गन्ध फैलती है और लोगों को घर तक महसूस होती है। कूड़े के पहाड़ से जीना हुआ दुश्वार:स्टेट बैंक कालोनी के आचार्य नरेन्द्र देव वार्ड मे लगाए गए कूड़े के ढेर से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। कालोनी मे रहने वाले लोगों का कहना है कि कालोनी मे कई जगह कूड़े के पहाड़ जैसे ढेर लगे हुए हैं। बारिश के मौसम मे इन कूड़ों के ढेर से उठने वाली दुर्गन्ध से घर के अंदर भी नहीं रहा जाता। इसके साथ ही इन कूड़ों के ढेर की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। संक्रामक बिमारियों से बच्चों को बचाना काफी मुश्किल हो रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों को इस क्षेत्र का भ्रमण कर यहां के लोगों को इस समस्या से निजात दिलाना चाहिए। बरसात के मौसम में जलभराव से निजात दिलाने के लिए नहीं किए गये कोई उपाय:स्टेट बैंक कालोनी के लोगों ने बताया कि इस कालोनी की सबसे बड़ी समस्या बारिश के मौसम मे होने वाले जलभराव से होती है। स्टेट बैंक कालोनी के रहने वाले सतीश यादव ने बताया कि बारिश के मौसम मे इस कालोनी मे घुटनों तक जल भराव हो जाता है। जलभराव होने से घरों मे कैद रहकर रहने की मजबूरी हो जाती है। इसके साथ ही जलभराव होने से कालोनी की सड़कें भी टूट जा जाती हैं। सड़कों के टूटने से जहां सरकार के राजस्व पर बोझ बढ़ेगा वहीं दुर्घटना की संभावना मे कई गुना बढ़ोत्तरी भी हो जा रही है। इस समस्या से समय रहते निजात दिलाने के लिए नगर निगम के साथ ही जन प्रतिनिधियों को भी इस समस्या की तरफ ध्यान देना होगा और एक स्थाई समाधान ढूढ़ना होगा। स्थाई समाधान से ही 2026 में आने वाले बरसात के मौसम में जलभराव से निजात मिल सकेगी। बोले लोग-: नगर निगम का कोई सफाई कर्मचारी सफाई करने नहीं आता है। हालात यह है कि गंदगी से उठती दुर्गन्ध हम लोगों के घरों तक आती है। मजबूरन हम लोगों को अपने सामने सड़क व नाली की सफाई करनी पड़ती है। सतीश यादव यह स्थिति कई साल से बनी हुई है। बारिश मे यहां जलभराव आम बात हो गई है। विगत 10 वर्ष से भी अधिक समय से यह समस्या बनी रहती है लेकिन जिम्मेदार लोग इससे निजात के लिए कोई ठोस कार्ययोजना तैयार ही नहीं करते। निहाल सिंह यह कालोनी ऐसी है जहां नागरिक सुविधाओं का संकट है। पिछले कई साल से देख रहा हूं कि बरसात के मौसम में यहां जलभराव रहता है। साथ ही साफ सफाई करने वाले सफाई कर्मचारी महीनों तक यहां दिखाई ही नहीं पड़ते मोहित यादव कहने को ही यह कालोनी है। नालियों के टूट जाने की वजह से यहां न तो जल निकासी की सुविधा है और न ही गलियों की सड़क बन रही हैं। गलियों में जो सड़के हैं उस पर हर समय गंदा पानी भरा रहता है। नालियों की सफाई कभी-कभी करवाई जाती है। किशन कुमार नालियां पूरी तरह टूट चुकी हैं। जो हैं भी वह सफाई न होने के चलते बदहाल हैं। हमारी शासन-प्रशासन से मांग है कि आने वाली बरसात से पहले ही सभी नालियों की मरम्मत कराई जाय। होरी लाल नाली और सफाई की समस्या यहां सबसे बड़ी है। नालियों की सफाई कभी कभार ही होती है। डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को प्रतिदिन आना चाहिए। सड़क और सफाई पर फोकस होना चाहिए। ओंकार प्रजापति डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों के न आने की वजह से कालोनी मे ही कूड़े का ढेर लगा रहता है। नगर निगम प्रशासन को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। राहुल ठाकुर बोले जिम्मेदार: इस बारे में अपर नगर आयुक्त भारत का कहना है कि स्टेट बैंक कालोनी में सफाई कर्मचारियों के द्वारा सफाई न करने की शिकायत अभी तक नहीं मिली थी। जानकारी मिलने पर मामले का संज्ञान लिया जाएगा। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी कोई कमी मिलेगी उसको तत्काल पूरा करते हुए सबको सुविधा दी जाएगी। बाकी अन्य जो भी कमियां हैं उनका निरीक्षण कर उस समस्या का भी हल करा दिया जाएगा।