राम मंदिर चढ़ावा में चोरी; एसआईटी के निशाने पर चंपत राय का करीबी टिन्नू यादव, संपत्ति का ब्योरा तलब
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में आए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी टिन्नू यादव एसआईटी के निशाने पर आ गया है। एसआईटी ने टिन्नू से बुधवार की देर रात तक पूछताछ की और गुरुवार को भी संपत्ति के ब्योरे के साथ बुलाया है।

Ayodhya News: अयोध्या में राममंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी के निशाने पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के करीबी आ गए हैं। एसआईटी ने एक ओर जहां विश्व हिंदू परिषद से जुड़े पदाधिकारी से पूछताछ की और उन्हें पहले से बनी प्रश्नोत्तरी थमाते हुए लिखित में जवाब मांगा है। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा में आए चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ की है। टिन्नू से उनकी संपत्ति का ब्योरा तलब किया गया है। गुरुवार को कागजात के साथ दोबारा टिन्नू को एसआईटी के सामने आना है।
एसआईटी के अफसरों ने अभिलेखों की छानबीन के दौरान खरीद-फरोख्त से जुड़े विषयों को लेकर एक प्रश्नोत्तरी तैयार की है। बताते हैं कि इसी प्रश्नोत्तरी पर विहिप के पदाधिकारी से लिखित जवाब मांगा गया है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर पदाधिकारी ने ट्रस्ट के समक्ष नाराजगी भी व्यक्त की और कहा कि लिखित जवाब अधिवक्ता से परामर्श लेकर ही देंगे।
वहीं, रामजन्मभूमि परिसर के ग्रीन रूम में एसआईटी ने सुबह से देर रात तक टिन्नू यादव से पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने उन पर लगाए गए आरोपों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली है। जांचकर्ताओं ने टिन्नू यादव की पूर्व और वर्तमान संपत्तियों का ब्योरा मांगा। जानने का प्रयास किया कि उनके पास पहले राम मंदिर बनने से पहले कितनी संपत्ति थी और वर्तमान में कितनी है। उनके पास संपत्तियां कहां-कहां स्थित हैं और उन्हें किस प्रकार अर्जित किया गया। एसआईटी ने आयकर रिटर्न समेत कई महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारियां भी मांगी हैं। टिन्नू यादव को गुरुवार को दोबारा उपस्थित होने और संपत्तियों व अन्य वित्तीय विवरणों से संबंधित दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।
विहिप-आरएसएस पदाधिकारियों में खींचतान
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर चल रही जांच के बीच एसआईटी की गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। बताया जाता है राम मंदिर की व्यवस्थाओं में लगे विहिप व संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच भी खासी खींचतान मची है। इसी खींचतान की वजह से आपसी संबंधों में माहौल भी खराब हो रहा है। इसका खामियाजा उन लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है जिन्होंने निष्ठापूर्वक अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह किया है।
मिली जानकारी के अनुसार अभी कई बड़े पदाधिकारियों को यह आ़ंच झुलसाएगी। उसका कारण है कि एसआईटी की जांच किसी एक बिंदु तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी व्यवस्था के सम्बन्ध में है। जांच अधिकारियों को व्यवस्थाओं की पड़ताल भी करनी है और व्यवस्थागत खामियों के लिए जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी है। इसके अलावा भविष्य की सुधारात्मक कार्यवाही को लेकर आवश्यक सुझावों को भी शामिल करना है।
बताया जा रहा है कि अभी संघ के उन पूर्व पदाधिकारी को भी बुलावा भेजा जाएगा जो वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद यहां से जिम्मेदारी छोड़कर घर वापस चले गये हैं। बताया गया कि स्टील की रेलिंग के टेंडर स्वीकृति के बाद सम्बन्धित फर्म को आर्डर उनकी ओर से दिया जा चुका है और उनकी ओर से रेलिंग की तैयार की गयी डिजाइन को जब वरिष्ठ अधिकारी के पास लेकर गए तो उनसे कहासुनी हो गयी। इसके चलते वह नाराज होकर घर वापस चले गये।
चार संदिग्ध गणना कर्मचारी पेश
इससे पहले एसआईटी ने मंगलवार को चार संदिग्ध गणना कर्मियों से विधिवत पूछताछ की। यह वह गणना कर्मी बताए जा रहे हैं जिनके पास नकदी की वसूली का दावा किया जा रहा है। यह लोग अपने परिजनों को साथ लेकर आएं थे। जांच अधिकारियों ने उनसे स्पष्ट किया कि यदि जांच में सहयोग करोगे तो अच्छी बात है अन्यथा फिर उगलवाने के रास्ते बहुत है। फिलहाल जिस प्रकार की उनसे अपेक्षा थी वैसा सहयोग उनकी ओर से नहीं मिला।
मोबाइल फोन की भी जांच
सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान उनके मोबाइल की भी जांच होनी थी लेकिन उनके मोबाइल नहीं मिले। इसके चलते अधिकारियों ने परिजनों से भी पूछताछ की गयी और परिजनों से उन्हें समझाने के लिए भी कहा गया। बताया जाता है कि गणना कर्मियों से सामूहिक व अलग-अलग ढंग से भी पूछताछ की गयी लेकिन बहुत संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया।
बैंक के पूर्व कर्मचारियों को भी बुलाया गया
इस बीच वर्तमान में गणना कार्य में लगाए गए बैंक कर्मियों से पूछताछ की गयी और उनसे भी अलग-अलग प्रश्न किए गये। उन लोगों ने किसी प्रकार की संलिप्तता से इन्कार किया और जो भी उनकी जानकारी में था, उसके लिहाज से अपना जवाब दिया है। उधर बैंक पूर्व कर्मचारियों को भी बुलाया गया है लेकिन वह लोग एस आईटी के समक्ष पेश हुए अथवा नहीं, इसकी सटीक जानकारी नहीं हासिल हुई।
लगातार हो रही धरपकड़, सामने आ रहे नए-नए नाम
राम मंदिर के दानपात्रों की गणना के दौरान चोरी का मामला सामने आने के बाद गणना में शामिल रहने वाले कुछ संदिग्ध कर्मियों से पूछताछ की गई, जिसके बाद एक-एक करके अब तक पांच-छह लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ल, रमाशंकर, मनीष यादव व अन्य हैं। इन लोगों के घर से या इनकी निशानदेही पर रकम बरामद होने की बाते सामने आई हैं। हालांकि इसे गोपनीय ढंग से किया जा रहा है। बरामद रकम को ट्रस्ट के खाते में जमा कराया जा रहा है।
अनुकल्प मिश्रा मास्टरमाइंड
अनुकल्प मिश्रा को इन कर्मियों का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। लवकुश के रुदौली स्थित घर से पांच दिनों पहले लगभग दस लाख रुपये तो मिल्कीपुर निवासी अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित आवास से लाखों रुपये की बरामदगी की है। वहीं, अविनाश शुक्ल के खाते से पांच लाख रुपये की रिकवरी शुरुआती दिनों में ही कराई गई है। रामशंकर यादव टिन्नू का एक भतीजा भी जांच के दायरे में है। लेकिन इसके पास से रकम बरामदगी की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।


