एफआईआर और कोर्ट के आदेश में सबूतों का जिक्र नहीं; यौन शोषण मामले में बोले अविमुक्तेश्वरानंद के वकील
अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कथित बाल यौन शोषण मामले पर वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि FIR और कोर्ट के आदेश में सबूतों का ज़िक्र नहीं था। पुलिस अभी सबूत जुटाएगी उसके बाद ही गिरफ़्तारी के बारे में सोचेगी। अगर गिरफ्तारी करते हैं तो ये हुत खतरनाक और आग से खेलना होगा।

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ कथित बाल यौन शोषण मामले पर वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि FIR और कोर्ट के आदेश में सबूतों का ज़िक्र नहीं था। पुलिस अभी सबूत जुटाएगी उसके बाद ही गिरफ़्तारी के बारे में सोचेगी। आज उन्होंने लखनऊ में बच्चों का बयान लिया है। हम निचली अदालत, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तीनों में क़ानूनी कार्यवाही के लिए तैयार हैं। गिरफ्तार करना या न करना उनकी समझदारी पर निर्भर करता है। अगर गिरफ्तारी करते हैं तो ये उनके लिए बहुत खतरनाक होगा, आग से खेलना होगा।
वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने मीडिया से कहा, 'एफआईआर और न्यायालय के आदेश में सबूतों का जिक्र नहीं था। मुझे लगता है कि पुलिस अभी सबूतों को जुटाएगी। सबूत जुटाने के बाद ही वह गिरफ्तारी की बात सोचेगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने गाइडलाइन और अपने डायरेक्शन में कहा है कि बिना सफिशिएंट एविडेंस के अब गिरफ्तारी कोई जरूरी चीज नहीं है। गिरफ्तारी तब की जाए और मजबूरी हो, तब की जाए जब एविडेंस आ जाए, तो मुझे लगता है कि इसका पालन वो करेगी। जहां तक सूचना मिली है कि आज उन्होंने लखनऊ में शायद बच्चों का बयान लिया है। आगे जैसा भी एविडेंस जुटा लेंगे तो आएंगे।'
श्रीनात त्रिपाठी ने आगे कहा, 'हमारी तरफ से सारे प्रयास किए जा रहे हैं हैं। हम लोअर कोर्ट के साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की भी प्रोसीडिंग के लिए भी तैयार हैं। एक दो दिन में ही आपको जानकारी इसकी हो जाएगी कि हम कहां प्रोसीड कर रहे हैं।' गिरफ्तारी के सवाल पर वकील ने कहा, 'गिरफ्तार करना और न करना यह उनकी समझदारी पर डिपेंड करता है। न करते तो यह सामान्य नागरिक के रूप में मेरी राय है कि न करें और अगर करते हैं तो यह उनके लिए बहुत खतरनाक होगा। आग से खेलना होगा और कुछ नहीं होगा।'
गिरफ्तारी का विरोध नहीं करेंगे शंकराचार्य
इससे पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को कहा कि यौन शोषण के मुकदमे में अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है तो वह उसका विरोध नहीं करेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि उनके लिए तीन अदालतें हैं। उन्होंने कहा, ‘पहली अदालत जनता है जो सब देख रही है और वह अपना निर्णय देने वाली है। दूसरा न्यायालय मेरा हृदय है, हम जान रहे हैं कि हम गलत नहीं हैं। तीसरा और सर्वोच्च न्यायालय ईश्वर है। वह सब जानता है कि कौन गलत है और कौन सही। तीनों ही अदालतों से मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है, इसलिए मुझे अब किसी का भय नहीं है।’ शंकराचार्य ने कहा कि जो झूठ है वह अंत में सामने आ ही जाता है। उनके विरुद्ध जो कहानी गढ़ी गई है उसका सच आज नहीं तो कल, सबके सामने आ ही जाएगा।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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