गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने को लड़ेंगे धर्मयुद्ध, जौनपुर के रास्ते लखनऊ पहुंचेंगे अविमुक्तेश्वरानंद
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि ‘गो-ब्राह्मण प्रतिपालक’ वीर शिवाजी की जयंती चैत्र कृष्ण तृतीया के दिन 6 मार्च को गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का संकल्प गंगा किनारे शंकराचार्य घाट पर लिया जाएगा। इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं होगा।

Varanasi News: यौन शोषण मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सात मार्च को लखनऊ प्रस्थान करने का आह्वान किया है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि ‘गो-ब्राह्मण प्रतिपालक’ वीर शिवाजी की जयंती चैत्र कृष्ण तृतीया के दिन 6 मार्च को गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का संकल्प गंगा किनारे शंकराचार्य घाट पर लिया जाएगा। इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं होगा। गाय को राष्ट्रमाता और राज्य माता का दर्जा दिलाने तक यह धर्मयुद्ध विशुद्ध वैचारिक धरातल पर लड़ा जाएगा।
शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्या मठ में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि संकल्प के अगले दिन यानी 7 मार्च को चिंतामणि गणेश एवं संकटमोचन हनुमानजी का पूजन करते हुए हम लखनऊ प्रस्थान करेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गाय को उत्तर प्रदेश में राज्यमाता का दर्जा देने के लिए शासन को दिये 40 में 30 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। पूर्व घोषणा के अनुसार 7 मार्च को हम धर्मसभा के लिए लखनऊ रवाना होंगे।
7 मार्च को लखनऊ के लिए करेंगे प्रस्थान
रास्ते में जगह-जगह धर्म सभाएं करते 11 मार्च की सुबह लखनऊ पहुंचेंगे। लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल को शुल्क देकर बुकिंग करा ली गई है। अनुमति के लिए आवेदन दिया जा चुका है। 7 मार्च को सुबह 08:30 बजे श्रीविद्या मठ से संकटमोचन मंदिर प्रस्थान करेंगे। हनुमानाष्टकम्, हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ कर विघ्नों के नाश की प्रार्थना के बाद यात्रा का श्रीगणेश होगा। पहले दिन जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली में सभा होगी। 8 मार्च को मोहनलालगंज, लालगंज, अचलगंज, उन्नाव में सभा और रात्रि विश्राम होगा। 9 मार्च को बांगरमऊ, बघौली, नैमिषारण्य में सभा एवं रात्रि विश्राम होगा। 10 मार्च को सिधौली और इटौंजा में सभा होगी। 11 मार्च को शीतला अष्टमी की तिथि पर दिन में 2:15 से शाम 5 बजे तक धर्मसभा होगी।
हाईकोर्ट ने विमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर लगाई थी रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिगों के यौन शोषण के मामले में अविमुक्तेश्वरानंद को राहत दे दी है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर आदेश सुरक्षित करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने शुक्रवार शाम लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद दिया। सुनवाई के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से आरोपों को गलत बताते हुए कहा गया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। यह भी दलील दी गई कि वादी आशुतोष का खुद का अपराधिक इतिहास है। राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध किया गया। अर्जी सीधे हाईकोर्ट में दाखिल करने और उसकी पोषणीयता पर भी सवाल उठाया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित कर लिया और अविमुक्तेश्वरानंद व मुकुंदानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ ही मामले की जांच जारी रखने और अविमुक्तेश्वरानंद व मुकुंदानंद को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि पक्षकारों के अधिवक्ता 12 मार्च तक लिखित प्रस्तुतियां और मामले के कानूनी नज़ीरें दाखिल कर सकते हैं।
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Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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