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जिला अस्पताल में वार्ड फुल, बढ़ाई गई बेडों की संख्या

जिला अस्पताल में वार्ड फुल, बढ़ाई गई बेडों की संख्या

जिले में डायरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।

बच्चों के साथ साथ-साथ डायरिया बड़ों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल का वार्ड डायरिया के मरीजों से भरा रहा। मरीज बढ़ते देख वार्ड में बेडों की संख्या बढाई गई। मरीजों की संख्या बढ़ने से ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा 100 शैय्या जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर डायरिया से ग्रसित लोगों की भीड़ रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछापों की सहालग चल रही है।

गर्मी के मौसम के चलते अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या में में काफी इजाफा हुआ है। 50 शैय्या जिला संयुक्त चिकित्सालय, चिचौली स्थिति 100 शैय्या जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी व पीएचसी पर डायरिया से ग्रसित लोगों की भीड़ रही। बच्चों के अलावा डायरिया रोग ने सभी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना लिया है। जिसके चलते लोगों को पेट दर्द, जी मिचलाना व पतले दस्त की समस्या हो जाती है। शरीर में पानी की होने पर डाक्टर मरीज को तुरंत वार्ड में भर्ती कराने की सलाह देते हैं। शादी का सीजन होने के चलते लोगों को भी पेट संबंधी बीमारियां अधिक हो रही हैं। इसके अलावा बासी खाना व बाजार में खुले बिकने वाले खाद्य पदार्थों से फूड प्वाजिनिंग की भी समस्या हो जाती है। जिसके लोग उल्टी व दस्त के शिकार हैं।

डाक्टरों के अनुसार डायरिया के मरीज

ओपीडी में मरीजों को देख रहे डा. अमित पोरवाल ने बताया कि उन्होंने करीब 150 मरीजों को देखा। जिसमें करीब 25 मरीज डायरिया के आए। डा. राघवेंद्र ने बताया कि उन्होंने ओपीडी में 100 मरीज देखे। जिसमें करीब 30 मरीजों के शरीर में डायरिया की शिकायत मिली। डा. कुशल वर्मा ने बताया कि डा. शत्रुघन के प्रशिक्षण पर जाने के चलते उनके पास मरीजों की अधिक भीड़ रही। उन्होंने करीब 167 मरीजों की जांच की। जिसमें करीब 60 मरीज डायरिया से पीड़ित थे। डा. सज्जाद ने बताया कि उन्होंने ओपीडी में करीब 100 मरीज देखे। जिसमें करीब 60 मरीज डायरिया के शिकार मिले।

वार्ड में बढ़ाई गई बेडों की संख्या

औरैया। 50 शैय्या अस्पताल में प्रथम व द्वितीय तल पर 16-16 बेडों के दो वार्ड हैं। लेकिन शुरू से अब तक मरीजों को नीचे के वार्ड में ही भर्ती किया जाता है। बुधवार को मरीज बढ़ने पर उसमें तीन बेड और बढ़वाए गए हैं। वार्ड में बेड कम होने के चलते मरीजों को क्रमबद्ध तरीके से भर्ती करते हैं। किसी को तत्काल तो किसी को दूसरे दिन भर्ती कराया जाता है।

झोलाछाप काट रहे चांदी

औरैया। गर्मी के मौसम में भले ही लोग डायरिया से ग्रसित हो समस्याओं से जूझ रहे हों। लेकिन इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप चांदी काट रहे हैं। बोतल व इंजेक्शन लगाकर लोगों से हजारों रुपए ठग रहे हैं। कई बार झोलाछाप के दलाज से मरीज की मौत भी हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे साल में एक या दो बार अभियान चलाकर फिर शांत बैठ जाते हैं। जिसके चलते उनका धंधा दिनों दिन बढ़ रहा है।

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  • Web Title:Ward full in the district hospital number of beds increased