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11 दिन में सिर्फ 138 क्विंटल धान खरीदा गया

11 दिन में सिर्फ 138 क्विंटल धान खरीदा गया

संक्षेप: Auraiya News - जनपद औरैया में 1 नवंबर से धान खरीद का अभियान शुरू हुआ है, लेकिन 11 दिनों में खरीद की रफ्तार बेहद धीमी रही है। अब तक केवल 138 क्विंटल 80 किलो धान की खरीद हुई है। किसानों की आमद कम है, और सरकारी केंद्रों पर तकनीकी जांचों के कारण उन्हें अधिक औपचारिकताएं झेलनी पड़ती हैं।

Tue, 11 Nov 2025 06:21 PMNewswrap हिन्दुस्तान, औरैया
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जनपद में एक नवंबर से धान खरीद का अभियान शुरू हो गया, लेकिन 11 दिन बीतने के बावजूद खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर मंडी समिति परिसर में औरैया मंडी प्रथम और औरैया मंडी द्वितीय नामक दो खरीद केंद्र संचालित किए गए हैं। बावजूद इसके अब तक केवल 138 क्विंटल 80 किलो धान की ही खरीद हो सकी है। प्रशासन और विपणन विभाग दोनों ही इस सुस्ती से चिंतित हैं। मंगलवार को खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने पर यह भी देखा गया कि किसानों की आमद बहुत कम है। जिन किसानों ने धान लेकर पहुंचा, उनका अनाज सबसे पहले पावर डस्टर मशीन से छाना गया, ताकि मिट्टी व भूसी हट सके।

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इसके बाद नमी मापक यंत्र से धान की नमी मापी गई। नमी सीमा से अधिक होने पर धान वापस लौटा दिया गया। किसानों का कहना है कि मंडी समिति में आढ़तियों को धान बेचने में उन्हें इतनी औपचारिकताएं नहीं झेलनी पड़तीं, जबकि सरकारी केंद्रों पर कई तकनीकी जांचों से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और श्रम दोनों लगते हैं। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी संजय कुमार निरंजन ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी द्वारा दोनों केंद्रों पर खरीद एक नवंबर से शुरू कराई गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल धान की आमद कम है, लेकिन किसान अब धीरे-धीरे सरकारी केंद्रों पर आने लगे हैं। मौसम अनुकूल रहा तो नवंबर के अंतिम सप्ताह से आवक बढ़ेगी। हमें पूरा भरोसा है कि 28 फरवरी तक 36 हजार क्विंटल का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पर्याप्त बोरा, तोल कांटा और पावर डस्टर मशीनें उपलब्ध हैं। केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस बीच, जिलाधिकारी ने सभी खरीद केंद्रों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पारदर्शी ढंग से भुगतान किया जाए और किसी प्रकार की दलाली या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।