
अन्तर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को दबोचा
Auraiya News - बेला पुलिस और साइबर सेल ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 9.21 लाख रुपये नकद, दो लग्जरी कारें और कई इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुए। यह गिरोह सरकारी योजनाओं का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था।
थाना बेला पुलिस, साइबर सेल, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकदी और सामान बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 9 लाख 21 हजार रुपये नकद, दो लग्जरी कारें, एक लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, 3 पेन ड्राइव, फर्जी मुहरें, दस्तावेज और कई बैंक कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह प्रधानमंत्री कुसुम योजना और प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के नाम पर लोगों को सरकारी सब्सिडी और सोलर पैनल दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करता था।
एसपी अभिषेक भारती व एडिशनल एसपी आलोक मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में शिव प्रताप उर्फ रवि पुत्र दिनेश सिंह, जितेंद्र सिंह उर्फ मिथुन पुत्र सतीश सिंह दोनों निवासी अमृतपुर कैथावा थाना बेला और राहुल पुत्र चंद्रपाल निवासी रुरिया थाना सिरसागंज फिरोजाबाद शामिल हैं। ये लोग लैपटॉप और मोबाइल की मदद से फेसबुक पर सरकारी योजनाओं से जुड़े फर्जी पेज बनाकर प्रचार करते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पैनल और पंप, तथा जनऔषधि योजना के तहत मेडिकल स्टोर खोलने के नाम पर लोगों से संपर्क करते थे। फेसबुक पेज पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर से इच्छुक व्यक्ति बात करता तो वे उसे फर्जी अप्रूवल लेटर, इनवॉइस और मुहर लगे दस्तावेज भेजते थे और ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर करवा लेते थे। बाद में नंबर बंद कर देते थे। पुलिस को जांच में पता चला है कि गिरोह के मोबाइल नंबरों से संबंधित 26 साइबर शिकायतें पहले से एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पीड़ित शामिल हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह के तार कई राज्यों तक फैले हैं और ये लोग अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस टीम को बुधवार रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग ग्राम अमृतपुर के पास छहरी पुलिया के निकट अपनी गाड़ियों में बैठकर मोबाइल और लैपटॉप से साइबर फ्रॉड की गतिविधियां कर रहे हैं। सूचना पर बेला थाना, साइबर सेल, सर्विलांस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। मौके से तीनों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी व फर्जी दस्तावेज मिले। आरोपितों के आपराधिक इतिहास भी सामने आए हैं। शिव प्रताप उर्फ रवि के खिलाफ दिल्ली, औरैया और फिरोजाबाद में धोखाधड़ी के तीन मामले दर्ज हैं। जितेंद्र सिंह उर्फ मिथुन और राहुल पर भी ठगी व जालसाजी के मुकदमे चल रहे हैं। इस कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी साइबर सेल विकाश सिंह, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक समित चौधरी, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह और थानाध्यक्ष बेला गंगादास गौतम ने किया। पुलिस अधीक्षक औरैया ने जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर अपने बैंक विवरण साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी की घटना घटे तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने से संपर्क करें।

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