टापर्स टाक

Feb 12, 2026 05:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, औरैया
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Auraiya News - औरैया के मेधावियों ने 2025 की यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद, नियमित पढ़ाई, रिवीजन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से सफलता प्राप्त की। छात्रों ने मोबाइल से दूरी बनाकर और सही रणनीति अपनाकर अपनी मेहनत के दम पर उच्च अंक हासिल किए।

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औरैया, संवाददाता। जिले के मेधावियों ने 2025 की यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोकते। किसी ने रोज तय समय पर पढ़ाई कर लक्ष्य पाया, तो किसी ने मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर किताबों को दोस्त बनाया। नियमित रिवीजन, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने इन छात्रों को टॉपर्स की कतार में खड़ा किया। अब ये मेधावी छात्र आने वाली पीढ़ी को संदेश दे रहे हैं कि सही रणनीति, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ की गई पढ़ाई हर विद्यार्थी को सफलता दिला सकती है।

मैंने शुरुआत से ही तय कर लिया था कि रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ना है, ताकि परीक्षा के समय बोझ न बने। स्कूल में पढ़ाए गए टॉपिक को उसी दिन घर आकर दोहराती थी और अपने शब्दों में छोटे नोट्स तैयार करती थी। कठिन विषयों, खासकर गणित और अंग्रेजी, के लिए रोज लिखकर अभ्यास किया। परीक्षा से पहले पूरा सिलेबस खत्म कर केवल रिवीजन और मॉडल पेपर हल किए। मेरी सलाह है कि छात्र समय का सही उपयोग करें, मोबाइल से दूरी रखें और नियमित अभ्यास को अपनी आदत बना लें, सफलता जरूर मिलेगी। ऋचा अवस्थी, चौधरी विशंभर सिंह बालिका इंटर कॉलेज (2025, 91.20%) मैंने रोज का टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई की और उसी का सख्ती से पालन किया। कठिन विषयों को सुबह के समय पढ़ता था, जब दिमाग ज्यादा फ्रेश रहता है। हर चैप्टर के बाद नोट्स बनाता और साप्ताहिक रिवीजन जरूर करता था। मोबाइल फोन सिर्फ जरूरी कॉल तक सीमित रखा। बोर्ड परीक्षा से पहले कम से कम 10 साल के प्रश्नपत्र हल किए, इससे पैटर्न समझ आया और आत्मविश्वास बढ़ा। मेरी सलाह है कि छात्र रटने के बजाय समझकर पढ़ें और आखिरी समय पर नया टॉपिक शुरू न करें। ऋषभ वर्मा, श्री गोपाल इंटर कॉलेज (2025, 93.40%) मैंने पढ़ाई को बोझ नहीं, आदत बनाया। रोज कम से कम 6-7 घंटे पढ़ाई की और हर विषय को बराबर समय दिया। जो टॉपिक समझ नहीं आता था, उसे अगले दिन शिक्षक से पूछ लेती थी। हस्तलिखित नोट्स मेरी सबसे बड़ी ताकत बने। परीक्षा से एक महीने पहले पूरा सिलेबस खत्म कर सिर्फ रिवीजन किया। मेरी सलाह है कि छात्र खुद पर भरोसा रखें और दूसरों से तुलना न करें, निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।” आकांक्षा गौतम, चौधरी विशंभर सिंह बालिका इंटर कॉलेज (2025, 91.60%) मैंने हर दिन छोटे-छोटे लक्ष्य तय किए। एक दिन में एक चैप्टर पूरी तरह तैयार करने की कोशिश करती थी। कठिन विषयों के लिए चार्ट और फार्मूला शीट कमरे में लगा रखी थी, जिससे बार-बार नजर पड़ती रहे। लिखकर पढ़ने से मुझे ज्यादा याद रहता था, इसलिए रोज उत्तर लिखने का अभ्यास किया। मेरा मानना है कि सोशल मीडिया से दूरी और नियमित नींद बहुत जरूरी है, तभी पढ़ा हुआ याद रहता है। पूजा, संत साईनाथ इंटर कॉलेज (2025, 91.20%) मैंने पढ़ाई को रोजमर्रा की दिनचर्या बना लिया था। सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करता और रात में हल्का रिवीजन करता था। हर रविवार को पूरे सप्ताह का दोहराव करता था। मॉडल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने से समय प्रबंधन सीखा। मेरी सलाह है कि छात्र परीक्षा के डर से नहीं, लक्ष्य के लिए पढ़ें। अगर आप रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ेंगे तो परीक्षा के समय दबाव नहीं बनेगा और परिणाम अपने-आप अच्छा आएगा। अभियंश पाल, श्रीकुमार सिंह इंटर कॉलेज अछल्दा (2025, 91.80%, जिला में पांचवां स्थान)

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