DA Image
25 अक्तूबर, 2020|1:27|IST

अगली स्टोरी

कागजों में दौड़ रहा स्कूलों का आपरेशन कायाकल्प

default image

बेसिक शिक्षा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए शासन ने आपरेशन कायाकल्प शुरू किया था। राजकीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा और खंड विकास अधिकारी कार्यालय को संयुक्त रूप से इसकी जिम्मेदारी दी गई। ग्राम निधि से काम कराए जाने थे, मगर कायाकल्प के नाम पर महज औपचारिकता कर धनराशि खर्च कर लिया गया और स्कूलों की दशा में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से दशा सुधारने की मुहिम शुरू की गई थी। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग की निगरानी और खंड विकास अधिकारी कार्यालय को संयुक्त रूप से इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। ग्राम पंचायत के माध्यम से स्कूलों का कायाकल्प कराया जाना था। कायाकल्प के नाम पर स्कूलों में महज रंगाई पुताई करा कर औपचारिकता पूरी कर ली गई है। वह भी जिले के सभी स्कूलों में सही तरीके से नहीं कराई गई है। कुल मिलाकर ऑपरेशन कायाकल्प अभियान को ग्राम पंचायत के हाथों में दिए जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग और खंड विकास कार्यालय सही तरीके से निगरानी भी नहीं कर सका है। और स्कूलों की दशा जस की तस बनी हुई है। सभी स्कूलों का कायाकल्प ऑपरेशन कायाकल्प के दौरान तो नहीं हो सका बल्कि ग्राम प्रधानों का कायाकल्प जरूर हो गया है। परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने की मुहिम सफल साबित नहीं हो सकी है। और शासन की मंशा के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों के रूप में विद्यालय का कायाकल्प नहीं हो सका। कागजी खानापूर्ति कर औपचारिकता पूरी कर दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर भी इस बारे में कुछ भी कहने से किनारा कर लेते हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Operation rejuvenation of schools running on paper