
दरवाजे पर खड़ी रही एनआईए, तीन घंटे बाद खुले दरवाजे
Auraiya News - औरैया में एनआईए की गोपनीय कार्रवाई ने तीसरे दिन नया मोड़ लिया है। वर्मा परिवार के घर पर छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे मोहल्ले को घेर लिया। पड़ोसियों के अनुसार, घर की छत से सामान दूसरे घरों में शिफ्ट किया गया। एनआईए ने 13 प्रतिष्ठानों पर छापे मारे और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
औरैया में हुई एनआईए की गोपनीय कार्रवाई ने शनिवार को तीसरे दिन नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया। वर्मा परिवार के घर पर गुरुवार की रात की गई छापेमारी के दौरान क्या हुआ, अब पड़ोसियों के खुलासों से धीरे-धीरे सामने आ रहा है। पड़ोसियों के अनुसार एनआईए की टीम ठीक रात 3:00 बजे अचानक मोहल्ले में पहुंची। जैसे ही दर्जनों सुरक्षाकर्मी इलाके में उतरे, पूरा मोहल्ला सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। हलचल सुनकर वर्मा परिवार के लोग भी जाग गए, लेकिन घर का मुख्य दरवाज़ा किसी भी हाल में नहीं खोला गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि एनआईए टीम घर के बाहर ही तैनात रही, जबकि अंदर से होने वाली गतिविधियां किसी और ही कहानी की तरफ इशारा करती रहीं।

पड़ोसियों ने दावा किया कि उन्होंने घर की छत पर टॉर्चों की रोशनी, आती-जाती परछाइयां और सामान खिसकने की आवाज़ें सुनीं। चर्चा यह है कि घर की छत से दूसरी छत पर सीढ़ी लगाकर कुछ सामान पड़ोस के एक दो घरों में शिफ्ट किया गया। पड़ोसी बताते हैं कि बिना दरवाज़ा खोले ही कई घंटों तक मानो अंदर किसी महत्वपूर्ण चीज़ को सुरक्षित किया जा रहा हो। करीब तीन घंटे बाद, यानी सुबह 6 बजे के आसपास, जब सारी हलचल थम गई। तब जाकर घर का दरवाज़ा खोला गया। तभी एनआईए टीम पहली बार मुख्य घर के अंदर दाखिल हुई। घटना के तीसरे दिन पड़ोसियों से हुई बातचीत में यह भी सामने आया कि रातभर घर के भीतर का माहौल तनावपूर्ण था। परिवार के सदस्य परेशान दिख रहे थे, जबकि बाहरी सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि किसी को खिड़की खोलने की अनुमति तक नहीं थी। पड़ोसियों के अनुसार एनआईए ने न सिर्फ मुख्य आवास बल्कि उससे जुड़े कमरों, पिछवाड़े, स्टोर रूम और पास के दो मकानों तक की छतों और खुफिया रास्तों की बारीकी से तलाशी ली। इससे साफ संकेत मिलता है कि कार्रवाई सिर्फ रुटीन छापेमारी नहीं, बल्कि किसी बेहद संवेदनशील इनपुट पर आधारित थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि एनआईए की खामोशी और पुलिस की बढ़ी हुई सतर्कता यह संकेत दे रही है कि कार्रवाई का दूसरा दौर कभी भी शुरू हो सकता है। फिलहाल एनआईए ने आधिकारिक रूप से कुछ भी साझा नहीं किया है, लेकिन तीसरे दिन सामने आए इन दावों ने पूरे शहर में एक बार फिर सनसनी फैला दी है। सर्राफा बाजार में बढ़ी सतर्कता, व्यापारियों ने सीसीटीवी व सुरक्षा सिस्टम दुरुस्त किए एनआईए की टीम द्वारा व्यापारी कमलकांत वर्मा, रविकांत वर्मा, शशिकांत वर्मा और उनके नजदीकियों के 13 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी के तीसरे दिन शहर के सर्राफा बाजार में व्यापारियों की सतर्कता साफ दिखाई दी। कार्रवाई के बाद से ज्वैलर्स और कैश-इंटेंसिव कारोबार करने वाले व्यापारी सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। बाजार में कई दुकानदारों ने देर रात तक सीसीटीवी कैमरों की जांच करवाई, डीवीआर रिप्लेस कराए और दुकान खुलने-बंद होने की प्रक्रियाओं में बदलाव किया। कुछ व्यापारियों ने कैश ट्रांजैक्शन को सीमित रखने और रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश कर्मचारियों को दिए। दुकानों में आने-जाने वाले ग्राहकों की पहचान भी अधिक बारीकी से की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि छापेमारी बड़ी कार्रवाई है, जिसने पूरे सर्राफा बाजार को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हम अपने दस्तावेज और सुरक्षा सिस्टम अपडेट कर रहे हैं ताकि किसी भी जांच में कोई कमी न मिले, एक स्थानीय ज्वैलर ने कहा। इधर, बाजार में दिनभर एनआईए की कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी रही और कई लोग एक-दूसरे से संभावित कारणों और बरामदगी को लेकर पूछताछ करते देखे गए। वर्मा परिवार के बंद पड़े प्रतिष्ठान तीसरे दिन पूरी तरह खुले, ग्राहकों की आवाजाही सामान्य एनआईए की छापेमारी के तीसरे दिन कमलकांत वर्मा व उनके भाइयों के सभी प्रतिष्ठान सामान्य रूप से संचालित होते नजर आए। पहले दो दिनों में दुकानें सीमित समय तक खुलीं और ग्राहक भी कम दिखाई दिए थे, लेकिन तीसरे दिन बाजार की रौनक लौटती दिखी। दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की आमद शुरू हो गई। कर्मचारियों ने बताया कि छापेमारी के बाद कामकाज थोड़े समय के लिए प्रभावित हुआ था, लेकिन अब माहौल सामान्य होता जा रहा है। हालांकि परिवार के सदस्य मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिष्ठान तो सामान्य दिख रहे हैं, लेकिन चर्चाओं का दौर बदस्तूर जारी है। कई लोग यह जानने को उत्सुक दिखे कि छापेमारी के दौरान कितनी बरामदगी हुई और किन बिंदुओं पर टीम ने जांच की। बाजार में यह भी माना जा रहा है कि सामान्य गतिविधि शुरू होने के बावजूद परिवार और व्यापारी वर्ग पूरी तरह निश्चिंत नहीं हुआ है। राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज, नेता छापे के मायने तलाशते दिखे एनआईए की बड़ी कार्रवाई ने तीसरे दिन राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी। स्थानीय नेताओं के बीच इस छापेमारी को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं देखी गईं। विपक्षी नेताओं ने इसे गंभीर माना और कहा कि इतनी बड़ी जांच सिर्फ सामान्य संदेह पर नहीं की जाती। वहीं, सत्ता पक्ष के स्थानीय पदाधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। शहर में राजनीतिक बैठकों और चाय-पान के ठियों पर छापेमारी को लेकर जोरदार बहस होती रही। कुछ नेताओं ने वर्मा परिवार के राजनीतिक संपर्कों और कारोबारी विस्तार की पिछली गतिविधियों का भी ज़िक्र किया। सूत्र बताते हैं कि कई नेता मौके की संवेदनशीलता को भांपते हुए अपने बयानों और गतिविधियों में एहतियात बरत रहे हैं, जबकि कुछ लोग यह जानने की कोशिश में हैं कि जांच का केंद्र बिंदु क्या था। विशेष बात यह रही कि किसी भी पक्ष से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राजनीतिक हलकों में और भी उत्सुकता बढ़ गई है। कारोबारी वर्ग में दस्तावेज दुरुस्त करने की होड़, कई व्यापारियों ने रिकॉर्ड चेक कराए छापेमारी के तीसरे दिन शहर का सामान्य कारोबारी वर्ग भी सतर्क नजर आया। तमाम व्यापारियों ने अपने लाइसेंस, जीएसटी रिटर्न, इनवॉइस और स्टॉक से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई। कई प्रतिष्ठानों पर पूरे दिन रिकॉर्ड अपडेट करने का काम चलता रहा। व्यापारी संगठनों के कुछ पदाधिकारियों ने स्वीकार किया कि एनआईए की कार्रवाई ने सबको सचेत किया है। उनका कहना है कि जिन कारोबारी प्रतिष्ठानों पर छापा पड़ा, वे बड़े पैमाने पर कारोबार करते हैं और ऐसे व्यापारियों के यहां हुई कार्रवाई का असर छोटे व्यवसायियों पर भी पड़ा है। बाजार में चर्चा रही कि बड़ी मात्रा में कैश ले जाए जाने की बात सामने आई है, जिससे व्यापारी और अधिक सतर्क हो गए हैं। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर भी दिनभर इसी विषय की पोस्ट और चर्चाएं छाई रहीं, जिनमें लोग अलग-अलग दावे और विश्लेषण करते दिखाई दिए। वर्मा परिवार के आवासीय परिसरों में शांति, लेकिन पड़ोसी अब भी सहमे छापेमारी के तीसरे दिन जिन 13 परिसरों पर तलाशी हुई थी, वहां सामान्य गतिविधियों की वापसी नजर आई। वर्मा परिवार के सदस्य अपने नियमित कार्यों में जुटे नजर आए और घरों के बाहर भी सामान्य आवाजाही रही। हालांकि पड़ोसियों और आसपास के लोगों में अब भी असर साफ दिखाई दिया। कई लोगों ने कहा कि जिस पैमाने पर भारी सुरक्षा बल और एनआईए टीम रातभर और सुबह तक डटी रही, उसने पूरे मोहल्ले को डरा दिया था। कुछ लोग बताते हैं कि आज भी किसी अनजान वाहन की आवाज सुनकर वे चौकन्ने हो जाते हैं। मोहल्ले में चर्चा है कि छापे के दौरान कई घंटों तक लगातार तलाशी चलती रही और अधिकारी बाहर किसी को आने-जाने नहीं दे रहे थे। हालांकि परिवार द्वारा किसी बयान या टिप्पणी से बचने के चलते कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। एनआईए छापे के तीसरे दिन वर्मा परिवार पर पुलिस की कड़ी निगरानी, प्रतिष्ठानों पर जारी रहा पहरा एनआईए की बड़ी कार्रवाई के तीसरे दिन भी कमलकांत वर्मा, रविकांत वर्मा, शशिकांत वर्मा सहित पूरे वर्मा परिवार और उनके नजदीकियों के प्रतिष्ठानों पर पुलिस की चौकसी पूरी तरह बनी रही। हालांकि सभी प्रतिष्ठानों का कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो चुका है, लेकिन पुलिस की तैनाती और आवास के बाहर पहरेदारी ने लोगों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है। जानकारी के अनुसार एनआईए की लगभग 15 सदस्यीय टीम ने तीन दिन पहले देर रात से शुरू की छापेमारी में वर्मा परिवार और उनसे जुड़े 13 ठिकानों पर कार्रवाई की थी। छापों के दौरान भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की चर्चा शहरभर में फैली रही। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन छापेमारी के बाद से पुलिस और एनआईए की गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। कामकाज शुरू होने के बावजूद वर्मा परिवार के आवास, उनके प्रतिष्ठानों और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर स्थानीय पुलिस की मौजूदगी तीसरे दिन भी जस की तस रही। सुबह से लेकर देर शाम तक पुलिसकर्मी लगातार आवागमन पर नजर रखते रहे। आस-पास के बाजारों में भी सन्नाटा और खामोशी की स्थिति देखने को मिली। कई दुकानदारों का कहना है कि पुलिस की कड़ी चौकसी को देखते हुए अभी भी लोग खुलकर आने-जाने से परहेज कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि एनआईए की ओर से दूसरी बार दस्तक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय पुलिस को भी सतर्क रहने और सभी गतिविधियों की बारीकी से रिपोर्ट भेजने के निर्देश मिले हैं। वर्मा परिवार से जुड़े लोगों की हलचल, आगंतुकों की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों पर पुलिस की खास नजर बनी हुई है। शहर में चर्चाओं का दौर जारी है। लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि एनआईए की अगली कार्रवाई किसी भी समय फिर से हो सकती है। वहीं, वर्मा परिवार और उनके करीबियों ने अभी तक इस पूरे प्रकरण पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। पुलिस का सख्त पहरा और बढ़ी हुई चौकसी इस बात का संकेत दे रही है कि जांच अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

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