
एनआईए जांच में नया मोड़:
Auraiya News - शहर के पेट्रोल पंप कारोबारी कमल कांत वर्मा और उनके सहयोगियों पर एनआईए की कार्रवाई में नए सबूत सामने आए हैं। छापेमारी में मिले दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइसों की जांच से कुछ नए नंबर और बाहरी संपर्क मिले हैं। एनआईए अब इनकी भूमिका पर ध्यान दे रही है और आगामी पूछताछ में नई जानकारियों की संभावना है।
शहर के पेट्रोल पंप कारोबारी कमल कांत वर्मा और उनके सहयोगियों पर हुई एनआईए कार्रवाई में अब एक नया और अहम मोड़ सामने आया है। सूत्रों के अनुसार एनआईए ने छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज़ों, मोबाइल फोन, और अन्य डिजिटल डिवाइसों की प्राथमिक डिजिटल मैपिंग पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया में कुछ ऐसे नंबर, लेनदेन और आउट-स्टेशन संपर्क सामने आए हैं, जिन पर पहले चर्चा नहीं हुई थी और न ही इन्हें किसी रिपोर्ट में बताया गया है। एजेंसी अब इन बाहरी संपर्कों की भूमिका को लेकर भी गंभीर है। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि डेटा में मिले कुछ मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप चैट ऐसे इलाकों से जुड़े हैं, जो मामले की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं।
यही कारण है कि 11 दिसंबर से शुरू होने वाली पूछताछ में केवल स्थानीय कारोबारी परिवार ही नहीं, बल्कि कुछ बाहरी व्यक्तियों के बारे में भी जवाब मांगे जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि छापेमारी में मिले सामग्री की लिस्टिंग के साथ अब एनआईए यह भी जांच रही है कि कहीं इनके माध्यम से किसी ‘थर्ड पार्टी सप्लाई चैन’ का संचालन तो नहीं हो रहा था। डिजिटल डिवाइसों में जो इनवॉइस, बिल और नोट्स मिले हैं, उनमें से कई ऐसे हैं जिनमें किसी का हस्ताक्षर या पूरा विवरण मौजूद नहीं है। यह एजेंसी की जांच का नया फोकस बन गया है। दिलचस्प बात यह है कि एनआईए ने इस मामले को अब मल्टी-लेयर प्रोफाइलिंग में डाल दिया है। जिसका मतलब है कि लोकेशन डेटा, बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप बैकअप, फोटोझ्रवीडियो मेटाडेटा और पेट्रोल पंप के खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड को एक साथ क्रॉस-चेक किया जा रहा है। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कई डिजिटल फाइलों में टाइम-स्टैंप मेल नहीं खा रहे हैं। कुछ डेटा रात के समय बनाया गया है, जबकि संबंधित कैमरों या डिवाइसों के टाइम में अंतर पाया गया है। यह अंतर एजेंसी के लिए तकनीकी संदेह का विषय बना है, और पूछताछ में इसके बारे में भी विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। यही नहीं, छापेमारी वाले दिन जिन कर्मचारियों और सहयोगियों से फोन बरामद किए गए थे, उनके मोबाइलों से हटाई गई कुछ फाइलों को भी रिकवर कर लिया गया है। ये फाइलें किस विषय से जुड़ी थीं, इसका रहस्य भी 11 दिसंबर की पूछताछ में खुलेगा। स्थानीय स्तर पर अब चर्चा यह भी है कि एनआईए आने वाले दिनों में कुछ और जगहों पर फॉलोअप विजिट कर सकती है। हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। जिले में कारोबारी जगत इस नए एंगल को लेकर और अधिक सतर्क हो गया है। लोग अनुमान लगा रहे हैं कि यदि डिजिटल मैपिंग में और कड़ियां सामने आती हैं, तो जांच का दायरा और बड़ा हो सकता है। पूरे मामले में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 11 दिसंबर से शुरू होने वाली पूछताछ में एनआईए कौन-से नए सवाल लेकर सामने आती है और छापेमारी के बाद मिले डिजिटल साक्ष्यों की कड़ियां किस दिशा में जाती हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




