
पुलिस अब निराश्रित महिलाओं की मदद को आएगी आगे
Auraiya News - अजीतमल पुलिस ने मिशन शक्ति योजना के तहत गरीब और निराश्रित महिलाओं को पेंशन जैसी सुविधाएं प्रदान करने की पहल की है। महिला सिपाही ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला रही हैं और पेंशन के लिए आवेदन में मदद कर रही हैं। यह अभियान उन महिलाओं के लिए राहत बन रहा है जो बिना सहारे जीवन यापन कर रही थीं।
अजीतमल, संवाददाता। सरकारी योजनाएं अक्सर कागजों में सिमटकर रह जाती हैं, लेकिन मिशन शक्ति योजना के तहत अजीतमल पुलिस ने इसे जमीनी स्तर पर उतारने की पहल की है। कोतवाली पुलिस अब न केवल सुरक्षा का जिम्मा निभा रही है, बल्कि गरीब व निराश्रित महिलाओं को पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय हो गई है। पुलिस द्वारा क्षेत्र के गांवों में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महिला सिपाहियों को विशेष रूप से इस काम में लगाया गया है। वे रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर चौपाल लगाती हैं और महिलाओं से सीधे संवाद कर रही हैं।
ऐसे परिवार चिन्हित किए जा रहे हैं जिनकी वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांगजन पेंशन अभी तक स्वीकृत नहीं हो सकी है। कई महिलाएं जानकारी के अभाव और कागजी प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण लाभ से वंचित थीं। कोतवाली परिसर में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किया गया है, जहां चिन्हित महिलाओं को बुलाकर उनका आय प्रमाणपत्र बनवाने से लेकर पेंशन के ऑनलाइन आवेदन तक सहायता दी जा रही है। क्राइम निरीक्षक रामचंद्र ने बताया कि डीजीपी के निर्देश के बाद जनहित में यह पहल शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि उनके पास अब तक ऐसी लगभग 16 महिलाओं की सूची तैयार हो चुकी है, जिनके दस्तावेज बनवाए जा रहे हैं और पेंशन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। मिशन शक्ति में लगी सिपाही भी ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें सरकारी लाभों और उनके अधिकारों की जानकारी दे रही हैं। यह पहल उन महिलाओं के लिए खास राहत बनी है जो बिना किसी सहारे के जीवनयापन कर रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह अभियान जारी रहा तो क्षेत्र की कई वंचित महिलाएं सरकारी योजनाओं से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेंगी।

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