अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज, न्यायिक कार्य से रहे विरत
औरैया में राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का आंदोलन आठवें दिन भी जारी है। अधिवक्ताओं ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 'अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम' को लागू करने की भी मांग की। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

औरैया, संवाददाता। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन औरैया के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही लखनऊ की घटना के विरोध में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। सोमवार को आयोजित बैठक में राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, कहा कि लखनऊ में चैंबर हटाने के दौरान अधिवक्ताओं पर किया गया लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। इस घटना से पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे अधिवक्ताओं पर बल प्रयोग किया गया, जिससे कई अधिवक्ता घायल हुए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक लखनऊ की घटना में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की जाती और घायल अधिवक्ताओं को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने ‘अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम’ को तत्काल लागू किए जाने की भी मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार को अधिवक्ताओं की सुरक्षा निश्चित करनी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। आंदोलन के समर्थन में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। इस दौरान महामंत्री हरिभानु अवस्थी, कृष्ण चंद सक्सेना, ललराम सिंह राजपूत, सूर्यांस दीक्षित, अनुराग अवस्थी, अरविंद तिवारी, सूर्य प्रकाश यादव, कपिल पाल, धर्मवीर तिवारी समेत कई अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।
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