
बोले औरैया
Auraiya News - कस्बा के नहर पुल पर लगाया गया हाईटगेज झुक गया है, जिससे राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया है। ओवरलोड वाहनों को रोकने के उद्देश्य से लगाया गया था, लेकिन अब यह समस्या बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसे समय पर ठीक नहीं किया गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है।
कस्बा स्थित नहर पुल पर लगाया गया हाईटगेज झुक जाने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। ओवरलोड वाहनों की रोकथाम के उद्देश्य से लगाए गए इस हाईटगेज की हालत खराब होने से स्कूली वाहन, एंबुलेंस और छोटे-बड़े वाहन उससे छूते हुए निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की जनचर्चा में जयकिशन, विवेक कुमार, अमित कुमार, हर्षित पोरवाल, विकास कुमार,गोलू गुप्ता, चंद्रजीत यादव, संजय कठेरिया, अवधेश यादव आदि का कहना है कि अछल्दा-फफूंद मार्ग पर स्थित यह नहर पुल पहले से ही जर्जर स्थिति में है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने हरीगंज बाजार और नहर पुल पर हाईटगेज लगवाया था, ताकि भारी और ओवरलोड वाहन पुल पर न चढ़ सकें। लेकिन कुछ समय पूर्व हाईटगेज बीच से झुक गया, जिससे उसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। झुके हाईटगेज के कारण डीसीएम जैसे वाहन पुल पर फंस जाते हैं और कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर इस मार्ग से प्रशासनिक अधिकारियों सहित सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। स्कूली समय में बच्चों से भरे वाहन जब पुल से गुजरते हैं, तब अभिभावकों की चिंता और बढ़ जाती है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते हाईटगेज को दुरुस्त नहीं कराया गया तो कोई गंभीर हादसा हो सकता है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि हाईटगेज के झुकने की जानकारी मिली है और उसे जल्द ही सही करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुल और यातायात की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लोगों की जुबानी.... नहर पुल पर हाईगेज झुकने से रोजाना डर के साये में निकलना पड़ता है। स्कूली वैन और छोटे वाहन जब उससे रगड़ खाते हुए निकलते हैं तो हादसे की आशंका बनी रहती है। कई बार भारी वाहन फंस जाते हैं, जिससे जाम लग जाता है। जिम्मेदारों को तुरंत इसे ठीक कराना चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही समस्या का समाधान हो सके। जयकिशन हाईगेज का उद्देश्य ओवरलोड वाहनों को रोकना था, लेकिन अब वही खतरा बन गया है। रात के समय दिखाई भी ठीक से नहीं देता, जिससे वाहन चालक घबरा जाते हैं। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा तय है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता दिखानी चाहिए। विवेक कुमार मैं रोज इसी रास्ते से आता-जाता हूं। हाईगेज झुकने के कारण वाहन निकालना मुश्किल हो गया है। कई बार एंबुलेंस भी फंस जाती है, जो बेहद चिंताजनक है। यदि किसी मरीज को समय पर अस्पताल न पहुंचाया जा सका तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह बड़ा सवाल है। अमित कुमार नहर पुल पहले से कमजोर हालत में है और ऊपर से झुका हाईगेज खतरे को और बढ़ा रहा है। पुल पर जाम लगना आम बात हो गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का भी इसी मार्ग से आना-जाना है, फिर भी कार्रवाई न होना समझ से परे है। हर्षित पोरवाल स्कूल खुलने और छुट्टी के समय बच्चों से भरी गाड़ियां इसी पुल से गुजरती हैं। हाईगेज से टकराने का डर हमेशा बना रहता है। अभिभावक बेहद चिंतित हैं। विभाग को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। विकास कुमार ओवरलोड वाहनों की रोकथाम जरूरी है, लेकिन हाईगेज को सही हालत में रखना भी उतना ही जरूरी है। झुका हुआ हाईगेज किसी भी वाहन में फंस सकता है। इससे जान-माल दोनों का खतरा है। गोलू गुप्ता यह मार्ग अछल्दा और फफूंद को जोड़ता है, जिस पर लगातार ट्रैफिक रहता है। हाईगेज की वजह से रोज जाम लगता है। कई बार लोग खुद जोखिम उठाकर वाहन निकालते हैं। यह स्थिति बेहद खतरनाक है। चंद्रजीत यादव हाईगेज झुकने की शिकायत कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। यदि किसी दिन बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा। प्रशासन को जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। संजय कठेरिया पुल और हाईगेज दोनों की नियमित जांच होनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। अभी भी समय है कि विभाग तुरंत मरम्मत कराए और यातायात को सुरक्षित बनाए। अवधेश यादव

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