
गैंगस्टर के आरोपी ने किया जुर्म कबूल, कोर्ट ने सुनाई ढाई साल की सजा
Auraiya News - जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी अतीकु उद्दीन की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में आरोपी को ढाई वर्ष की कठोर कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी चार वर्ष से जेल में था। न्यायालय ने उसकी दलील स्वीकार करते हुए सजा की अवधि में जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित करने का आदेश दिया।
जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी अतीकु उद्दीन की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में आरोपी को ढाई वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी पहले से ही चार वर्ष से अधिक समय तक जेल में निरुद्ध था। ऐसे में उसके रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है। थाना औरैया पुलिस ने वर्ष 2002 में पप्पू उर्फ जसवंत निवासी नौगांव दिबियापुर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। यह मुकदमा वर्ष 2012 से न्यायालय में विचाराधीन था। गुरुवार को आरोपी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
अभियुक्त ने कहा कि वह चार वर्ष से अधिक समय से जेल में निरुद्ध है, आर्थिक रूप से कमजोर है और उसके पास पैरवी करने वाला भी कोई नहीं है। इसलिए उसे न्यूनतम सजा देकर मुकदमा समाप्त किया जाए। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) ने अभियुक्त की दलील स्वीकार करते हुए कहा कि आरोपी ने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग किया है, इसलिए उसे ढाई वर्ष के कठोर कारावास और 5000 अर्थदंड से दंडित किया जाता है। अर्थदंड न देने की स्थिति में उसे सात दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने आदेश दिया कि सजा की अवधि में जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित किया जाए। इस आदेश के बाद आरोपी के जेल से रिहा होने की संभावना बन गई है।

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