बकरी पालन ग्रामीण युवाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम : डॉ. बृज विकास सिंह

बकरी पालन ग्रामीण युवाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम : डॉ. बृज विकास सिंह

संक्षेप:

Auraiya News - कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी, औरैया में किसान गोष्ठी में डॉ. बृज विकास सिंह ने बताया कि बकरी पालन ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने वैज्ञानिक तकनीकों के साथ बकरी पालन को स्थायी आय का साधन बताया और उचित नस्ल का चुनाव, आवास और रोग प्रबंधन पर जोर दिया।

Nov 18, 2025 06:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, औरैया
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कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी, औरैया में आयोजित किसान गोष्ठी में पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. बृज विकास सिंह ने बकरी पालन को ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यदि बकरी पालन को वैज्ञानिक तकनीकों और उचित प्रबंधन के साथ अपनाया जाए तो यह ग्रामीण परिवारों की स्थायी आय का मजबूत जरिया बन सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि बकरी पालन कम लागत में शुरू होने वाला व्यवसाय है, जिसे सामान्य परिवार भी आसानी से अपना सकता है। उन्होंने कहा कि बकरियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मोबाइल एटीएम की तरह काम करती हैं। जरूरत पड़ने पर एक बकरी बेचकर परिवार तुरंत अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी कर सकता है, जिससे कर्ज लेने की नौबत नहीं आती।

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उन्होंने बताया कि सफल बकरी पालन के लिए उपयुक्त नस्ल का चुनाव अत्यंत आवश्यक है। बरबरी, ब्लैक बंगाल, सिरोही, अलवरी, जमुनापारी और बीटल प्रमुख नस्लें हैं, जिन्हें उनकी क्षमता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार चुना जाना चाहिए। शुरुआत में 10 बकरियां और 1 बकरा रखना उपयुक्त माना जाता है। बकरियों के आवास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बंद और खुले दोनों प्रकार की व्यवस्था होनी चाहिए, जो साफ-सुथरी और हमेशा सूखी रहे। आहार में सूखा-हरा चारा, दाना, खनिज मिश्रण और नमक देना चाहिए। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जुलाई से सितंबर तक बकरियों को बाहर चराने से बचें, क्योंकि इस दौरान संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। रोग प्रबंधन पर विशेष बल देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि साल में चार बार परजीवी-नाशक दवा देना जरूरी है। साथ ही आवश्यक टीकाकरण समय से कराना चाहिए। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से पशुचिकित्सक की सलाह लेने की अपील की। डॉ. सिंह ने बताया कि बकरी पालन से संबंधित विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण के लिए किसान किसी भी कार्यदिवस में कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी, औरैया में संपर्क कर सकते हैं।