Auraiya News: मौत के साये में गुजर रही जिंदगी, तारों के सहारे टिके हैं बिजली के खंभे
Auraiya News: - 11 हजार और 33 केवी लाइन के जर्जर पोल बने बड़ा खतरा, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं- बरसात में बढ़ा जोखिम, ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही पर उठाए सवा

Auraiya News: रुरुगंज, संवाददाता। बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के दावे करने वाला विद्युत विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर खंभों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। सोहनी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में 11 हजार और 33 केवी लाइन के कई लोहे के खंभे नीचे से पूरी तरह गल चुके हैं और केवल बिजली के तारों के सहारे खड़े हैं। बरसात और तेज हवा के बीच इन खंभों के गिरने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन लंबे समय से शिकायतों के बावजूद इन्हें बदला नहीं गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। गांव रुरुकलां में अजबसिंह यादव के घर के पास लगा 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन का लोहे का खंभा नीचे से पूरी तरह जंग खाकर खोखला हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार तेज हवा चलने पर खंभा हिलने लगता है और बिजली के तार झूलने लगते हैं। यदि यह खंभा गिरता है तो आसपास के घरों और रास्ते से गुजरने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसी तरह रुरुकलां के समीप करियापुर खेरे के पास खेतों के बीच खड़ा 33 केवी लाइन का खंभा भी बेहद जर्जर हो चुका है।
ग्रामीणों की नाराजगी
बिधूना-चिरकुआ से सोहनी उपकेंद्र जाने वाली लाइन का यह खंभा भी नीचे से गल चुका है और केवल तारों के तनाव के सहारे खड़ा है। बरसात के मौसम में जलभराव और तेज हवाओं के कारण इसके गिरने का खतरा और बढ़ गया है। खेतों में काम करने वाले किसान और सड़क से गुजरने वाले राहगीर लगातार भय के साये में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब एक वर्ष से विद्युत विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक न तो जर्जर खंभे बदले गए और न ही झुके पोलों को सीधा कराया गया। लोगों का आरोप है कि विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र के सभी जर्जर खंभों और लाइनों का तत्काल सर्वे कराकर उन्हें बदला जाए, ताकि संभावित हादसों से बचा जा सके। इस संबंध में अवर अभियंता संजीव राठौर ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोल और लाइनों को चिन्हित कर मरम्मत व बदलाव का कार्य कराया जा रहा है। जहां भी जर्जर पोल और लाइनें हैं, वहां कर्मचारियों को लगाया गया है और जल्द ही सभी को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
एक साल से शिकायत, फिर भी नहीं बदले पोल
ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर बिजली खंभों की शिकायत पिछले करीब एक वर्ष से लगातार की जा रही है। कई बार अधिकारियों को मौके की स्थिति भी दिखाई गई, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बरसात में कई गुना बढ़ गया खतरा
बारिश के कारण खंभों के आसपास जलभराव हो रहा है। ऐसे में यदि जर्जर पोल गिरते हैं या हाईटेंशन तार टूटते हैं तो करंट फैलने से बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बरसात को देखते हुए तत्काल जर्जर पोल बदलने की मांग की है।
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