
कामकाज में लापरवाही पर डीएम सख्त, सुधार न करने वालों से मांगा स्पष्टीकरण
Auraiya News - जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने जूम मीटिंग के माध्यम से विभागों की प्रगति की समीक्षा की। कई विभागों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि सुधार न होने पर स्पष्टीकरण मांगा जाए। साथ ही, पराली जलाने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा।
जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने सोमवार को जूम मीटिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के कार्यों और शासन की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई विभागों का प्रदर्शन उम्मीद से कम मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों की कार्यशैली में बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं हुआ है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए और संतोषजनक जवाब न मिलने पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए। डीएम ने सी श्रेणी में आने वाले विभागों के प्रमुखों और विकासखंड स्तर पर सामूहिक विवाह योजना के लंबित आवेदन निस्तारण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर विशेष रूप से नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का संचालन पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से किया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण व डुप्लीकेट मतदाता सूची कार्यक्रम को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि यह कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ शीघ्र अपलोड कराया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। नगरीय क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी डीएम ने अधिशासी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद औरैया क्षेत्र में जालौन रोड किनारे कूड़ा फेंके जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, इसलिए तत्काल सफाई कराई जाए और गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाए। समीक्षा बैठक में राजस्व वादों के लंबित निस्तारण को लेकर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। कहा कि सभी उपजिलाधिकारी और राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्र में लंबित वादों की सूची बनाएं और तय समय में उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। डीएम ने पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारी भ्रमणशील रहें, किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करें और ऐसा करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करें। फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ उन्होंने खाद वितरण व्यवस्था पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए। कहा कि सभी क्लस्टर अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। डीएम ने दो टूक कहा कि शासन की योजनाओं में शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य ही अधिकारी की दक्षता का मापदंड होगा।

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