स्वास्थ्य योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश, बाहर की दवा लिखने पर जताई सख्ती
औरैया में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। जननी सुरक्षा योजना के तहत बजट का प्राथमिकता से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। टीकाकरण में लापरवाही न बरतने और अवैध चिकित्सालयों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

औरैया, संवाददाता। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विगत बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिसका अनुमोदन किया गया। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्राप्त बजट के अनुसार लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही मासिक लक्ष्य के अनुरूप अग्रिम बजट की मांग शासन से किए जाने के निर्देश भी दिए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में टेलीरेडियोलॉजी योजना के तहत 1271 लाभार्थियों की जांच कर समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट योजना के अंतर्गत 2347 मरीजों को परीक्षण और परामर्श दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक यूनिट प्रतिदिन औसतन 39 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। बैठक में बताया गया कि मेडिकल कॉलेज औरैया में 48, सीएचसी अजीतमल में छह, जिला संयुक्त चिकित्सालय में आठ तथा सीएचसी बिधूना में चार शल्य चिकित्सा के माध्यम से प्रसव कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सामान्य प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को 48 घंटे बाद ही डिस्चार्ज किया जाए, जबकि ऑपरेशन से हुए प्रसव में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही छुट्टी दी जाए। जिलाधिकारी ने आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनाने में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने तथा शिविर लगाकर अधिक से अधिक कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी देते हुए गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में जिलाधिकारी ने अवैध रूप से संचालित चिकित्सालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों को बाहर की दवा न लिखने और न ही मरीजों से बाहर से दवा मंगाने की सख्त हिदायत दी। बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, बीएसए संजीव कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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