
दहेज हत्या में पति-सास को 10 वर्ष का कठोर कारावास
Auraiya News - अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम चपटा में एक नव विवाहिता मंदाकिनी की दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने पति रामकुमार और सास को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई। मृतका के पिता ने शादी में दहेज की मांग पूरी न होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस फैसले से परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम चपटा में हुई एक नव विवाहिता की दहेज हत्या मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश एडीजे एफटीसी प्रथम अतीकउद्दीन ने मृतक की शादी के दौरान दहेज की मांग पूरी न होने पर हुए इस गंभीर अपराध में पति रामकुमार उर्फ रामु और सास को दोषी मानते हुए उन्हें 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मामला करीब 33 वर्ष पुराना है। वादी रामचरण ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री मंदाकिनी की शादी लगभग दो वर्ष पूर्व ग्राम चपटा निवासी रामकुमार उर्फ रामु पुत्र लल्लू उर्फ लटुरे के साथ हुई थी।
शादी में वादी ने अपनी क्षमता अनुसार दहेज दिया था। 21 मई 2002 की शाम लगभग 6 बजे रामकुमार अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर वादी के घर पहुंचे और कहा कि उसकी पुत्री ससुराल में आग से जल गई है। जब परिवार मौके पर पहुंचा तो उनकी बेटी जलकर मृत पाई गई। इस मामले में पुलिस ने विवेचना कर तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। बचाव पक्ष ने बहस की कि युवती ने आत्महत्या की, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए कठोर दंड की मांग की। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने पति रामकुमार उर्फ रामु और सास को दहेज हत्या तथा दहेज प्रताड़ना का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। दौरान मुकदमा एक आरोपी की लल्लू उर्फ लटुरे की मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने अधिरोपित अर्थदंड की आधी राशि वादी को देने का भी आदेश दिया। सजा पाए पति और सास को एतवारा जिला कारागार भेजा गया। इस फैसले से मृतक परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

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