प्राणघातक हमले के तीन दोषियों को 7 वर्ष की सजा

प्राणघातक हमले के तीन दोषियों को 7 वर्ष की सजा

संक्षेप:

Auraiya News - सहायल क्षेत्र के ग्राम भरका में भूमि विवाद को लेकर हुए प्राणघातक हमले के 16 वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के साधारण कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा यदि वे अर्थदंड अदा नहीं करते।

Nov 04, 2025 08:00 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, औरैया
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थाना सहायल क्षेत्र के ग्राम भरका में भूमि विवाद को लेकर हुए प्राणघातक हमले के 16 वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के साधारण कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। निर्णय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम पारुल जैन ने सुनाया। अभियोजन के अनुसार, चार फरवरी 2009 को वादी अपने खेत में पानी लगा रहा था, तभी दोपहर करीब एक बजे गांव के रामेंद्र सिंह, जगमोहन सिंह, अतुल सिंह गौड़ पुत्र शिवकरन सिंह और उपेंद्र सिंह पुत्र जगमोहन सिंह असलहे लेकर पहुंचे और वादी पर हमला कर दिया।

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वादी जान बचाकर घर भागा तो आरोपी पीछा करते हुए घर में घुस गए और मारपीट की। बचाव में आए वादी के भतीजे कौशलेन्द्र प्रताप सिंह को कुल्हाड़ी से गंभीर घायल कर दिया। थाना सहायल क्षेत्र के ग्राम भरका में भूमि विवाद को लेकर हुए प्राणघातक हमले के 16 वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के साधारण कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वादी जान बचाकर घर भागा तो आरोपी पीछा करते हुए घर में घुस आए और मारपीट की। शोर सुनकर बचाव में पहुंचे वादी के भतीजे कौशलेन्द्र प्रताप सिंह को कुल्हाड़ी से गंभीर घायल कर दिया। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी जगमोहन सिंह की मृत्यु हो गई। शेष तीन आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी और सतीन्द्र स्वरूप दीक्षित ने कठोर दंड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपियों को निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने रामेंद्र सिंह, अतुल सिंह और उपेंद्र सिंह को सात वर्ष के साधारण कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। सजा पाए सभी दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।