घर के बाहर शव दफनाने का ग्रामीणों ने किया विरोध
Auraiya News - ग्राम वैसोली में एक युवक जबर सिंह की ट्रेन दुर्घटना में मौत के बाद उसका शव गांव पहुंचा। परिजन उसे घर के बाहर दफनाने की तैयारी करने लगे, जिसे ग्रामीणों ने रोका। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाया और अंततः अंतिम संस्कार खेत पर किया गया। युवक का परिवार शोक में है।

अछल्दा, संवाददाता। थाना क्षेत्र के ग्राम वैसोली में गुरुवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब ट्रेन हादसे में मृत युवक का शव गांव पहुंचने पर परिजन उसे घर के बाहर दफनाने की तैयारी करने लगे। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद युवक का अंतिम संस्कार खेत पर किया गया। ग्राम वैसोली निवासी जबर सिंह 30 वर्ष पुत्र रामाधार का शव गुरुवार को गांव पहुंचा था। बताया गया कि मृतक की मां सत्यवती घर के बाहर गड्ढा खुदवाकर बेटे के शव को दफनाना चाहती थीं।
इसकी जानकारी होते ही ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और थाना पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुरेश चन्द्र, उपनिरीक्षक किशनवीर, नायब तहसीलदार हरिकिशोर तथा प्रधानपति जयवीर सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतक की मां और अन्य परिजनों को समझाया। काफी देर चली बातचीत के बाद परिजन खेत पर अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। इसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। परिजनों के अनुसार जबर सिंह एक मई को काम करने के लिए चेन्नई गया था। 13 मई को पनकी के पास ट्रेन दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। पनकी पुलिस ने शव की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। पोस्टमार्टम के बाद शव गुरुवार को गांव पहुंचा। बताया गया कि जबर सिंह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। पिता की मृत्यु के बाद वही अपनी मां की देखभाल करता था। वह शादीशुदा था, लेकिन करीब पांच वर्ष पूर्व उसकी पत्नी बच्चों के साथ उसे छोड़कर चली गई थी। युवक की मौत से गांव में शोक का माहौल बना रहा।
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