
हिन्दुस्तान पड़ताल
Auraiya News - इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश में पेयजल व्यवस्था की पोल खोल दी है। औरैया में भी पुरानी पाइपलाइनें और नालियों का गंदा पानी मिलकर लोगों की सेहत को खतरे में डाल रहा है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई कई मौतों ने पूरे प्रदेश में पेयजल व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस हादसे के बाद जब हिन्दुस्तान ने औरैया जनपद में पड़ताल की, तो हालात यहां भी कम चिंताजनक नहीं मिले। जिले के कई इलाकों में वाटर लाइन और नालियों से होकर गुजर रही हैं, जिससे प्रदूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। पड़ताल में सामने आया कि औरैया नगर के पुराने मोहल्लों फफूंद रोड, बनारसीदास, नरायनपुर, तिलक नगर, बदनपुर और अजीतमल कस्बे के पटेल नगर, गांधीनगर जैसे इलाकों में दशकों पुरानी पाइपलाइनें बिछी हैं।
कई स्थानों पर पाइप जर्जर हालत में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की खुदाई या सड़क मरम्मत के बाद अक्सर नलों से मटमैला और बदबूदार पानी आने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से नल से बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा था। शुरुआत में लोगों ने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब बच्चों को तेज पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी तो हड़कंप मच गया। मोहल्ला निवासी मुकेश यादव ने बताया कि मेरे बच्चे की तबीयत अचानक खराब हुई। जांच में डॉक्टर ने पेट में गंभीर इंफेक्शन बताया और साफ कहा कि दूषित पानी इसकी वजह है। वहीं, सरिता देवी ने बताया कि हम लोगों ने सोचा नहीं था कि नल का पानी इतना खतरनाक हो सकता है। बच्चे को ऑपरेशन कराना पड़ा, तब जाकर समझ आया कि यह पानी जहर बन चुका है। राजेश कुमार का कहना है कि कई बार नगर पालिका और जल निगम से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कभी लाइन फ्लश कर दी जाती है, तो कभी पानी की सप्लाई कुछ दिन बंद कर दी जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में पुरानी वाटर पाइपलाइन के पास से नालियां गुजर रही है। कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है, जिससे नालियों का गंदा पानी पीने के पानी में मिल रहा है। यही कारण है कि पानी पीते ही लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। ऐसे लोग लोग बाहर से पानी खरीदकर या हैंडपंप का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। गरीब परिवारों के लिए यह स्थिति और भी परेशानी भरी है। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भी यदि समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो औरैया में भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच, पानी की सैंपलिंग और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। नगर पालिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि पुराने मोहल्लों में नालियों से वाटर लाइन की दूरी कई जगह मानकों के अनुरूप नहीं है।

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