Hindi NewsUttar-pradesh NewsAuraiya NewsCelebrating Bhai Dooj A Festival of Sibling Love and Tradition
जिले में धूमधाम से मना भाई दूज का त्योहार

जिले में धूमधाम से मना भाई दूज का त्योहार

संक्षेप: Auraiya News - भाई दूज का पर्व गुरुवार को जिले भर में उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाएं पूजा के लिए थालियाँ सजाने लगीं, जबकि भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। बाजारों में मिठाइयों और उपहारों की बिक्री में...

Thu, 23 Oct 2025 05:53 PMNewswrap हिन्दुस्तान, औरैया
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दीपावली की जगमगाहट के बाद जिले भर में भाई-बहन के स्नेह का पर्व भाई दूज गुरुवार को उल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक घर-आंगन में पूजा, तिलक और उपहारों के बीच भाई-बहन के रिश्ते की गर्मजोशी हर ओर नजर आई। बुधवार शाम से ही बाजारों में त्योहारी रौनक बढ़ने लगी थी। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधनों, परिधानों और मिठाइयों की जमकर खरीदारी की। सदर बाजार, इटावा रोड, भगत सिंह चौक और लेडीज बाजार में दिनभर रौनक बनी रही। दुकानों पर सज-धजकर आई महिलाओं और किशोरियों की भीड़ लगी रही। सौंदर्य प्रसाधनों, चूड़ियों, बिंदी, चुनरियों और पारंपरिक परिधानों की खूब बिक्री हुई।

मिठाई की दुकानों पर लड्डू, रसगुल्ले और भाई दूज स्पेशल पैकेट हाथों-हाथ बिकते रहे। दुकानदारों के चेहरों पर भी खुशहाली की चमक साफ दिख रही थी। गुरुवार तड़के से ही बहनों ने पूजा की थाली सजानी शुरू कर दी। थाली में रोली, अक्षत, दीपक, फूल और मिठाई रखी गई। परंपरा के अनुसार बहनों ने अपने भाइयों का तिलक कर आरती उतारी, उन्हें लड्डू खिलाकर उनकी लंबी उम्र और समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों को कपड़े, मिठाई, आभूषण और नकदी उपहार के रूप में भेंट किए। शहर के अलावा कस्बों में भी रही उत्सव की रौनक औरैया। अछल्दा, दिबियापुर, बेला, फफूंद, बिधूना, एरवाकटरा और अजीतमल कस्बों में भी सुबह से ही मंदिरों और घरों में पूजा-पाठ का दौर चलता रहा। कई परिवारों में रिश्तेदारों का मिलना-जुलना हुआ। बच्चों ने पटाखे चलाकर पर्व की खुशी जताई। बाजारों में मिठाइयों और उपहारों की बिक्री से कारोबारियों के चेहरों पर भी मुस्कान रही। भाई-बहन के रिश्ते में झलकी अपनत्व की मिठास औरैया। बनारसीदास मोहल्ला निवासी लक्ष्मी ने बताया कि भाई दूज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम और दायित्व का प्रतीक है। हर साल हम इसी दिन भाइयों की लंबी उम्र की कामना करते हैं। मानवी बोलीं कि भाई दूज का दिन हमारे लिए भावनाओं से जुड़ा होता है। तिलक के साथ ही हम बचपन की यादों में लौट जाते हैं। अभिषेक दुबे ने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है। बहनों के तिलक से घर में सकारात्मकता और स्नेह का वातावरण बन जाता है। भाई दूज पर उपहारों की छाई रही धूम औरैया। सर्राफा मार्केट में चांदी के सिक्के, पायल और कंगन की मांग बढ़ी रही। वहीं गिफ्ट शॉप्स पर तैयार किए गए भाई दूज हैम्पर में मिठाई, ड्राई फ्रूट्स और सजावटी वस्तुएं खूब बिकीं। शहर के मिठाई व्यवसायी ने बताया कि इस बार बिक्री दीपावली के बराबर रही। लोगों ने भाई दूज के लिए पहले से बुकिंग कराई थी। ग्रामीण अंचल में भी सजी परंपरा की झलक औरैया। गांवों में बहनों ने परंपरागत विधि से पूजा की और भाई के माथे पर रोली लगाकर दीर्घायु की कामना की। कई जगहों पर परिवारों ने सामूहिक भोज का आयोजन भी किया। बुजुर्ग महिलाओं ने कहा कि दीपावली के बाद भाई दूज का पर्व घर में खुशियों का दूसरा दीप जला देता है। त्योहार ने रिश्तों में जगाई नई ऊर्जा औरैया। शहर हो या गांव, हर ओर भाई-बहन के रिश्ते की गर्मजोशी और उत्सव का उल्लास छाया रहा। दीपों की रोशनी में नहाए घरों में आज केवल दीये नहीं, बल्कि स्नेह और अपनत्व की ज्योति भी जलती दिखी।