
महंगाई से राहत की आस, रसोई और घर खर्च पर नजरें टिकीं
Auraiya News - महिलाएं केंद्रीय बजट से महंगाई से राहत की उम्मीद कर रही हैं। गैस सिलेंडर और रसोई के सामान की बढ़ती कीमतों ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। महिलाएं सरकार से खाद्य वस्तुओं पर टैक्स कम करने, स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता करने और स्वरोजगार योजनाओं की मांग कर रही हैं।
औरैया, संवाददाता। केंद्रीय बजट को लेकर आम लोगों की निगाहें इस बार खासतौर पर महंगाई से राहत पर टिकी हुई हैं। रोजमर्रा के खर्च, रसोई का बजट और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में महिलाएं बजट से उम्मीद लगाए बैठी हैं कि इस बार सरकार रसोई से जुड़ी जरूरी वस्तुओं को सस्ता करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। महिलाओं का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में आटा, दाल, चावल, तेल, सब्जी और मसालों के दाम लगातार बढ़े हैं। गैस सिलेंडर महंगा होने से घर का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों के लिए हर महीने खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में बजट से सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि घरेलू गैस, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की जरूरतों पर टैक्स में राहत दी जाए। इसके साथ ही महिलाओं की मांग है कि सरकार महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं का ऐलान करे। रसोई गैस पर सब्सिडी, उज्ज्वला योजना के दायरे का विस्तार, महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा और स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता करने जैसे कदम उठाए जाएं। कई महिलाओं ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट बढ़ाने की भी बात कही, ताकि बच्चों की पढ़ाई और इलाज का खर्च कुछ कम हो सके। महिलाओं का यह भी कहना है कि अगर महंगाई पर नियंत्रण नहीं हुआ तो घर का संतुलन बिगड़ता जाएगा। बजट से उन्हें उम्मीद है कि यह सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि आम आदमी की रसोई और जिंदगी से जुड़ा बजट होगा। बजट से महिलाओं को उम्मीद.... सबसे बड़ी उम्मीद गैस सिलेंडर और रसोई के सामान को लेकर है। सिलेंडर महंगा होने से हर महीने बजट बिगड़ जाता है। आटा, दाल, तेल सब कुछ महंगा हो चुका है। सरकार अगर रसोई से जुड़ी चीजों को सस्ता करे तो आम परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। डॉली शर्मा महंगाई ने गृहिणियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बजट में जरूरी सामान पर टैक्स कम होना चाहिए। साथ ही महिलाओं के लिए स्वास्थ्य और स्वरोजगार की योजनाएं बढ़नी चाहिए, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और घर की आर्थिक मदद कर सकें। ममता गुप्ता बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च दोनों संभालना मुश्किल हो गया है। बजट से उम्मीद है कि शिक्षा और स्वास्थ्य को सस्ता किया जाए। अगर गैस और खाने-पीने की चीजें सस्ती होंगी तो आम परिवार को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। ऊषा गुप्ता सरकार को आम आदमी की रसोई को समझना चाहिए। गैस सिलेंडर और रोजमर्रा के सामान के दाम कम हों, यही सबसे बड़ी मांग है। बजट ऐसा हो जो सीधे आम परिवार की जिंदगी को आसान बनाए। रीता सबिता

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