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अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, देर रात तक झूमे श्रोता

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, देर रात तक झूमे श्रोता

संक्षेप:

Auraiya News - कस्बा बिधूना स्थित श्री गजेंद्र सिंह पब्लिक इंटर कॉलेज में पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह मंत्री की 23वीं पुण्यतिथि पर बुधवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन क

Dec 11, 2025 06:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, औरैया
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कस्बा बिधूना स्थित श्री गजेंद्र सिंह पब्लिक इंटर कॉलेज में पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह मंत्री की 23 वीं पुण्यतिथि पर बुधवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। साहित्य प्रेमियों से भरा पंडाल रात्रि तीन बजे तक तालियों से गूंजता रहा। मां सरस्वती और मंत्री जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा निवृत्त आईएएस मानवेंद्र सिंह, मंजू सिंह पूर्व जिला पंचायत सदस्य और पूर्व कृषि मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने किया। सम्मेलन में देशभर से आए प्रसिद्ध कवियों ने अपनी रचनाओं से भ्रष्टाचार, आतंकवाद, सामाजिक विसंगतियों से लेकर श्रृंगार, हास्य और ओज तक सभी रंगों की प्रस्तुति दी।

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श्रोताओं ने पूरी रात कवियों की पंक्तियों पर ठहाके, तालियां और वाहवाही बरसाई। दिल्ली से आए प्रताप फौजदार और भोपाल के लक्ष्मण नेपाली ने अपने तीखे व्यंग्य और हास्य से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। लक्ष्मण नेपाली की प्रसिद्ध प्रस्तुति 15 रुपए का धंधा, सीटी और डंडा पर जमकर ठहाके गूंजे, वहीं प्रताप फौजदार द्वारा एमपी-एमएलए के वेतन व खर्चों पर किए गए व्यंग्य ने लंबे समय तक तालियां बटोरीं। प्रतापगढ़ की प्रीति पांडेय ने सरस्वती वंदना के बाद श्रृंगार रस में डूबी कविताओं से महफ़लि को मोहित कर लिया। उनकी पंक्तियां ‘चांद तारे तोड़ कर लाएंगे लड़के-लड़कियों तुमने वहम पाले हुए हैं’ पर श्रोताओं ने खूब सराहना की। रीवा के अमित शुक्ला ने अपनी ओजपूर्ण स्वर शैली और प्रभावी संचालन से कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। उन्होंने युवाओं को माता-पिता के त्याग पर लिखी रचना सुनाकर भावनात्मक वातावरण बना दिया। माया नगरी मुंबई से आए कवि चंदन राय ने प्रेम गीतों की मधुरता से सम्मेलन का समापन किया। उनकी ग़ज़ल ‘भावनाओं को परिणाम मिल जाएगा, रिश्तों को एक नाम मिल जाएगा’ ने दर्शकों की रात यादगार बना दी। राजस्थान के अशोक चारण की देशभक्ति से ओतप्रोत कविता ने सभागार में जोश भर दिया। उनकी पंक्तियां ‘धर्म पूछकर मारी गोली इनका कोई धरम नहीं’ पर पूरा पंडाल जोश से भर उठा। कार्यक्रम संयोजिका मंजू सिंह ने सभी कवियों का बैज अलंकरण और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। मानवेंद्र सिंह ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में शरद राना, आदर्श ठाकुर, राघव मिश्रा, अखिलेश सिंह, व्योमेश सिंह सेंगर, नीरज सेंगर, संदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कवि सम्मेलन ने कस्बे में साहित्य के प्रति प्रेम को नई ऊंचाई दी और लोगों को सृजनात्मक ऊर्जा से भर दिया।