
औरैया में कुरआन ख्वानी के साथ उर्स हाफिज़े बुख़ारी की हुई शुरुआत
Auraiya News - खानकाह आस्ताना आलिया समदिया फफूंद शरीफ़ में हजरत हाफिजे बुखारी सैयद शाह ख्वाजा अब्दुस्समद चिश्ती का 124 वां सालाना उर्स फज्र की नमाज़ के बाद शुरू हुआ। इस मौके पर जायरिन की भीड़ उमड़ पड़ी। दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें महफिल-ए-मीलाद और गागर शरीफ का जुलूस शामिल था।
खानकाह आस्ताना आलिया समदिया फफूंद शरीफ़ में हजरत हाफिजे बुखारी सैयद शाह ख्वाजा अब्दुस्समद चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का 124 वां सालाना उर्स सोमवार को फज्र की नमाज़ के बाद कुरआन ख़्वानी के साथ शुरू हो गया। सज्जादा नशीन सैयद अख्तर मियां चिश्ती की सरपरस्ती में हुए आगाज़ के साथ ही दूर-दूर से आने वाले अकीदतमंदों का तांता लग गया और खानकाह में सुबह से ही रौनक बढ़ गई। उर्स के पहले दिन जायरिन लगातार आस्ताना आलिया पहुंचते रहे। दोपहर बाद ज़ुहर की नमाज़ के बाद हाफिज़े बुख़ारी सैयद शाह ख्वाजा अब्दुस्समद चिश्ती, ख्वाजा बन्दा नवाज़ सैयद शाह मिस्बाहुल हसन चिश्ती और सैयद अकबर मियां चिश्ती के मजारात का ग़ुस्ल किया गया।

असर की नमाज़ के बाद महफिल-ए-मीलाद का आयोजन हुआ, जबकि मगरिब की नमाज़ के पश्चात मेहमानों को लंगर वितरित किया गया। रात में इशा की नमाज़ के बाद गागर शरीफ का जुलूस निकाला गया, जो तयशुदा मार्गों मोतीपुर, जुबैरी, सब्जी मंडी और बरकीटोला से होता हुआ देर रात आस्ताना आलिया पर समाप्त हुआ। जुलूस में सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। लोग सिर पर गागर कलश रखकर चल रहे थे और कव्वाल कलाम पेश करते हुए माहौल को रौनकदार बनाए हुए थे। इससे पूर्व रविवार देर रात शब-ए-असलमी के नाम से तरही नातिया मुशायरे का भी आयोजन हुआ। जिसमें नगर व बाहर से आए शायरों ने अपने कलाम पेश किए। शायर-ए-आस्ताना सैयद मंज़र मियां चिश्ती के कलाम को विशेष सराहना मिली। आज मंगलवार को उर्स के सभी कार्यक्रम दरगाह परिसर में आयोजित किए जाएंगे। सुबह नौ बजे महफिल-ए-मसाइल-ए-शरिया से कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा।

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