
यूपी में प्रीपेड मीटर वाले बिजली उपभोक्ता ध्यान दें, अब हर महीने मिलेगा बिल; जानें टैरिफ आदेश
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बिजली उपभोक्ता काफी परेशान हैं। उनकी परेशानी की असल वजह मीटर में बैलेंस की कमी का संदेश है। रीचार्ज करने और खाते में पर्याप्त रकम होने के बावजूद उपभोक्ताओं को इस तरह के संदेश मिल रहे हैं। इससे उन्हें महीने के आखिर तक अपने बिजली खर्च का हिसाब रखने में मुश्किल हो रही है।
उत्तर प्रदेश में बिजली के स्मार्ट प्रीपेड कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। अब इन कनेक्शन धारकों को भी अब हर महीने बिल मिलेगा। इसमें उनके द्वारा कराए गए रीचार्ज और बैलेंस से रकम की कटौती आदि की पूरी जानकारी होगी। नियामक आयोग ने हाल ही में जारी टैरिफ आदेश में इसकी व्यवस्था दी है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के उपभोक्ता काफी परेशान हैं। उनकी परेशानी की असल वजह मीटर में बैलेंस की कमी का संदेश है। रीचार्ज करने और खाते में पर्याप्त रकम होने के बावजूद उपभोक्ताओं को इस तरह के संदेश मिल रहे हैं। इससे उन्हें महीने के आखिर तक अपने बिजली खर्च का हिसाब रखने में मुश्किल हो रही है। उपभोक्ताओं की इस तरह की शिकायतों को देखते हुए टैरिफ आदेश में नियामक आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रीपेड उपभोक्ताओं को भी हर महीने पोस्टपेड उपभोक्ताओं की तरह बिल दिया जाए।
इसमें उपभोक्ताओं द्वारा कराए गए रीचार्ज, इस्तेमाल की गई बिजली, खाते से कटी रकम और खाते में बकाया का ब्योरा होगा। इससे उपभोक्ता एक नजर में बिजली पर मासिक खर्च का ब्योरा जान सकेंगे। इसके अतिरिक्त स्वीकृत से ज्यादा लोड होने पर भी बिजली न काटे जाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि, बढ़े लोड के एवज में मीटर खाते से कटौती की जाए, लेकिन लाइट न कटे।
पिछले खर्च से कर सकेंगे तुलना
बिल मिलने के बाद उपभोक्ता अपने पहले के बिलों की तुलना भी कर सकेंगे। दरअसल, स्मार्ट प्रीपेड मीटर धारकों को बिजली बिल में दो प्रतिशत रियायत की व्यवस्था है। ऐसे में उपभोक्ता यह जान सकेंगे कि इस दो प्रतिशत कमी का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं? पोस्टपेड मीटर की तुलना में प्रीपेड मीटर सही काम कर रहे हैं या नहीं।
- 53 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं
- 35 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटरों हुए प्रीपेड मोड
- 18 लाख स्मार्ट मीटर अब भी हैं पोस्टपेड





