अतीक के परिवार पर आफत; छोटे बेटे आबान की मौत, बड़े बेटों को जनाजे में शामिल होने की इजाजत नहीं
माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। जेल में बंद बड़े बेटों अली और उमर ने जनाजे में शामिल होने की इजाजत मांगी लेकिन नहीं मिली सकी है।

माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान के जनाजे में उसके बड़े बेटे अली अहमद और उमर शामिल नहीं हो सकेंगे। अली और उमर को छोटे भाई आबान का अंतिम दर्शन करने और सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत अथवा पैरोल नहीं मिल सकी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश मिश्रा ने दोनों की अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि विचारण न्यायालय के पास इस प्रकार की अंतरिम जमानत या पैरोल देने की शक्ति का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। हालांकि अदालत ने उन्हें सक्षम प्राधिकारी या सक्षम न्यायालय के सामने विधि के अनुसार प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है। आबान की गुरुवार की दोपहर झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसका शव झांसी से प्रयागराज लाकर दफनाया जाएगा।
अली झांसी जेल और उमर लखनऊ की जेल में बंद हैं। इनकी तरफ से दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उनके छोटे भाई आबान, जिसकी गुरुवार को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, के अंतिम संस्कार में शामिल होना उनका मानवीय, पारिवारिक और धार्मिक दायित्व है। प्रार्थनापत्र में यह भी कहा गया कि इस्लाम धर्म में मृतक के अंतिम संस्कार और सुपुर्द-ए-खाक में परिवार के सदस्यों की उपस्थिति का विशेष महत्व है तथा संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार में इस प्रकार के पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन भी शामिल है।
अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत अथवा पैरोल पर रिहा किए जाने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।
एक बार फिर नजरें अतीक की पत्नी शाइस्ता पर
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से अतीक की पत्नी शाइस्ता फरार चल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पति और बड़े बेटे की मौत के बाद भी सामने नहीं आने वाली शाइस्ता इस बार आएगी? पुलिस की नजरें शाइस्ता पर लग गई हैं। अतीक के तीसरे नंबर के बेटे असद को एसटीएफ ने जब झांसी में मुठभेड़ में मारा था तब माना जा रहा था कि शाइस्ता उसके अंतिम संस्कार में आ सकती है। अतीक और अशरफ के जनाजे के समय भी यही चर्चा हुई थी।
शाइस्ता की तलाश के लिए पिछले तीन साल के दौरान करीब 9 राज्यों में दबिश दी गई, एटीएस की भी मदद ली गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी। पिछले साल उसके दिल्ली में दिखने के भी दावे किए गए थे, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस ने शाइस्ता पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और उसका नाम यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेंड लिस्ट में शामिल करने की कवायद चल रही है।
शाइस्ता के अलावा अतीक की बहन आइशा नूरी और भाई अशरफ की पत्नी जैनब भी फरार हैं। इन दोनों पर भी 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। आशंका यह भी जताई गई थीं कि ये दुबई या नेपाल भाग गईं हैं।


