अतीक अहमद की 168 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क; गोमांस तस्करी में नामजद, कोर्ट के आदेश पर ऐक्शन
जालौन प्रशासन ने गोमांस तस्करी के मामले में बिजनौर के गैंगस्टर अतीक अहमद की 168.13 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए हैं। जांच में ओमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस समेत संपत्तियां अवैध कमाई से खरीदी गई पाई गईं। कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई है।

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में गोमांस तस्करी के एक बड़े मामले में प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए बिजनौर निवासी गैंगस्टर अतीक अहमद की 168 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। जिला मजिस्ट्रेट जालौन की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, पुलिस रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह आदेश जारी किया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को संगठित अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला वर्ष 2024 का है। उस समय एट थाने के तत्कालीन प्रभारी संजय गुप्ता ने वाहन चेकिंग अभियान के दौरान कोलकाता की ओर जा रहे एक कंटेनर को रोका था। तलाशी के दौरान कंटेनर में भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ। बरामद मांस के नमूनों को जांच के लिए आगरा स्थित प्रयोगशाला भेजा गया, जहां परीक्षण में उसके गोमांस होने की पुष्टि हुई।
अतीक अहमद के खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई
इसके बाद एट थाना पुलिस ने दिल्ली के व्यापारी अतीक अहमद पुत्र मोहम्मद उमर समेत करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अतीक अहमद का वर्तमान पता नई दिल्ली स्थित आजाद अपार्टमेंट के पास बताया गया, जबकि उसका मूल निवास बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर कस्बे में है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने अतीक अहमद और उसके गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार गिरोह लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से गोमांस तस्करी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और अन्य अवैध गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कमाई से बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
भूमि और भवन की कीमत 168 करोड़ आंकी गई
पुलिस और प्रशासन ने बिजनौर जिले के ग्राम याकूबपुर क्षेत्र में अतीक अहमद के नाम खरीदी गई भूमि तथा वहां निर्मित ओमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस का मूल्यांकन कराया। मूल्यांकन रिपोर्ट में भूमि और भवन की कुल कीमत लगभग 168 करोड़ 13 लाख रुपये आंकी गई। जांच एजेंसियों ने पाया कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित धनराशि से बनाई और खरीदी गई थी।
जिला मजिस्ट्रेट बिजनौर तथा पुलिस अधीक्षक जालौन की आख्या और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट जालौन राजेश कुमार पांडेय की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत उक्त संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।


