
लापरवाही पर सहायक आयुक्त और निरीक्षक हटाए गए, लखनऊ मुख्यालय अटैच
यूपी में लापरवाही पर कानपुर मंडल के सहायक आयुक्त (औषधि) दिनेश कुमार तिवारी व कानपुर नगर में तैनात औषधि निरीक्षक पर ऐक्शन लिया है। दोनों को हटा दिया गया है। दोनों को लखनऊ मुख्यालय अटैच कर दिया है।
यूपी के कानपुर में कोडीन युक्त कफ सिरप और नारकोटिक्स श्रेणी की औषधियों को लेकर मिली तमाम गड़बड़ी की गाज वहां के विभागीय अधिकारियों पर गिरी है। योगी सरकार ने ऐक्शन लिया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉक्टर. रोशन जैकब ने लापरवाही और शासन की मंशा के अनुरूप काम न करने के चलते कानपुर मंडल के सहायक आयुक्त (औषधि) दिनेश कुमार तिवारी व कानपुर नगर में तैनात औषधि निरीक्षक रेखा सचान को हटा दिया है। दोनों को लखनऊ मुख्यालय संबद्ध किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाले कोडीनयुक्त कफ सिरप और नारकोटिक दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में लगातार प्रदेश में छापेमारी और कार्यवाही का सिलसिला जारी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डा. जैकब ने मंगलवार को कानपुर नगर के कई दवा गोदामों पर छापेमारी की थी। इनमें मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स, मेसर्स मेडिसना हेल्थकेयर, मेसर्स वेदांस फार्मास्युटिकल्स और मेसर्स मोसाईको एजेंसीज शामिल थे।
निरीक्षण में अग्रवाल ब्रदर्स के गोदाम से कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की भारी मात्रा बरामद हुई थी। कई ब्रांडों की एक्सपायर हो चुकी दवाएं भी एक साथ रखी मिलीं। प्रतिष्ठान से कंप्यूटर को जानबूझकर हटाया गया था और मालिक मौके से नदारद रहे। विभाग ने इसे अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ माना है। इसी तरह मेडिसना हेल्थकेयर और वेदांस फार्मास्युटिकल्स की गतिविधियां भी अग्रवाल ब्रदर्स से जुड़ी पाई गईं। मोसाईको एजेंसीज पर पूर्व में भी भारी मात्रा में कफ सिरप की खरीद के आरोप रहे हैं।
चार फर्मों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
इन चारों फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और भारतीय न्याय सहिता की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मां दुर्गा मेडिकोज, बालाजी मेडिकल्स, एएस हेल्थकेयर और आरएस हेल्थकेयर के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में भी एनडीपीएस की धाराएं जोड़ने का आदेश दिया गया है। कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर सहायक आयुक्त (औषधि) दिनेश कुमार तिवारी और औषधि निरीक्षक रेखा सचान को मुख्यालय संबद्ध कर दिया है। उन्हें 17 नवंबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रेखा सचान को लेकर पहले भी शिकायतें मिली थीं।





