अब फूट-फूटकर रोए शंकराचार्य पर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी, डिप्टी सीएम पर लगाए गंभीर आरोप
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का रोते हुए वीडियो वायरल हुआ है। हाईकोर्ट से शंकराचार्य को मिली राहत के बाद आशुतोष ने इसे एकतरफा फैसला बताया और प्रदेश के डिप्टी सीएम पर धमकी देने का आरोप लगाया।

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैलाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज अब खुद को बेबस और लाचार बता रहे हैं। शंकराचार्य को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत और उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोते नजर आ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन और प्रदेश के एक डिप्टी सीएम पर उन्हें डराने-धमकाने का सीधा आरोप लगाया है।
'बिना पक्ष सुने दे दिया गया एकतरफा फैसला'
आज तक से बाचतीच में आशुतोष ब्रह्मचारी ने न्यायपालिका की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाईकोर्ट में उनको सुना ही नहीं गया। उन्होंने रोते हुए कहा, "शंकराचार्य को दी गई राहत एकपक्षीय है। हमारे पक्ष को रखने का मौका तक नहीं दिया गया और सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पक्ष के पास बड़े वकील, अथाह पैसा और राजनीतिक रसूख है, जिसके आगे एक साधारण साधु की आवाज दबाई जा रही है।
डिप्टी सीएम से बताया जान का खतरा
वीडियो में आशुतोष ब्रह्मचारी ने उत्तर प्रदेश के एक डिप्टी सीएम का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों से धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके और आश्रम के छोटे-छोटे बटुकों (विद्यार्थियों) की जान को गंभीर खतरा है। आशुतोष के मुताबिक, "सत्ताधारी लोग हमें कुचलना चाहते हैं, क्योंकि हमने एक ताकतवर व्यक्ति के खिलाफ आवाज उठाई है।"
आश्रम में दहशत का माहौल, बटुक डरे
भावुक होते हुए आशुतोष ने बताया कि जब से कोर्ट का यह फैसला आया है, उनके आश्रम में रहने वाले छोटे बच्चे और बटुक बुरी तरह डरे हुए हैं। वे रात भर सो नहीं पाते और किसी अनहोनी की आशंका से सहमे रहते हैं। उन्होंने अपील की कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित पक्ष को भी अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
बता दें कि यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कोर्ट पहुंच गए और कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि, शंकराचार्य पक्ष ने इन आरोपों को आधारहीन और विद्वेषपूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी, जहां से उन्हें फिलहाल राहत मिल गई है। उनकी गिरफ्तारी पर फैसला आने तक रोक लग गई है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


