फर्जी दस्तावेजों से अग्निवीर बने यूपी के 3 युवकों पर मुकदमा, मेघालय में ट्रेनिंग ले रहे थे
ललितपुर में अग्निवीर भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि तीन युवकों ने दूसरे लोगों के नाम और दस्तावेजों पर अपनी फोटो लगाकर चयन हासिल किया। पुलिस ने कन्हैयालाल, आकाश और वीरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ललितपुर में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों और फोटो बदलकर चयन हासिल करने का मामला सामने आया है। अभिलेख सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर चयनित अभ्यर्थियों के चरित्र और पुराने रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही थी। साइबर थाना प्रभारी शावेज खान ने बताया कि गोरखा ट्रेनिंग सेंटर, मेघालय में अग्निवीर का प्रशिक्षण ले रहे बीघामहावत निवासी यशवंत लोधी के चरित्र और जन्म प्रमाण पत्र की जांच के निर्देश मिले थे। जांच के दौरान दस्तावेजों और फोटो का मिलान किया गया तो रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई। यशवंत के नाम से जुड़े अभिलेखों में उसकी जगह बिरारी गांव निवासी कन्हैयालाल की फोटो मिली। जन्मतिथि में भी बदलाव पाया गया।
फर्जी दस्तावेज और फोटो भी बदले
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि यशवंत के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कन्हैयालाल ने अपनी फोटो लगाकर अग्निवीर भर्ती हासिल की। इसके अलावा दो अन्य मामलों में भी दूसरे ग्रामीणों के दस्तावेजों के इस्तेमाल की बात सामने आई। गेंचवारा निवासी रामचरन के दस्तावेजों का इस्तेमाल बीघाखेत महर्रा निवासी आकाश ने किया। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आकाश का अग्निवीर के लिए चयन हुआ। वहीं बीघामहावत निवासी रामकुमार के दस्तावेजों का इस्तेमाल इसी गांव के वीरेंद्र ने किया। आरोप है कि वीरेंद्र भी इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अग्निवीर के तौर पर चयनित हुआ।
तीन युवकों के खिलाफ केस दर्ज
तीनों अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के दौरान अलग-अलग पहचान और अभिलेखों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। साइबर थाना प्रभारी की शिकायत पर कोतवाली सदर में कन्हैयालाल, आकाश और वीरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी संजीव बाजपेई ने बताया कि दूसरे ग्रामीणों के शैक्षिक अभिलेखों और अन्य प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर अग्निवीर में चयनित तीन युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी तरीके से अग्निवीर के तौर पर चयनित होने के बाद आरोपियों को सरकारी स्तर पर कितना आर्थिक लाभ मिला। जांच में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं और दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।


