एंटी करप्शन टीम का धड़ाधड़ एक्शन, पैसों के लालच में फंसी महिला अनुदेशक, जेई और लाइनमैन भी गिरफ्तार
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एंटी करप्शन टीम ने झांसी और औरैया जिले में कार्रवाई करते हुए तीन लेागों को गिरफ्तार किया है। झांसी से महिला अनुदेशक और औरैया से जेई-लाइनमैन को रिश्वत लेते पकड़ा गया है।

Anti Corruption Team Action: यूपी सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम धड़ाधड़ कार्रवाई कर रही है। पिछले कई दिनों में अलग-अलग जिलों में एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ रिश्वत लेते कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन टीम की ये कार्रवाई जारी ही थी कि झांसी महिला अनुदेशक और औरैया में जेई के साथ लाइनमैन भी गिरफ्तार हो गया। महिला अनुदेशक ने छात्रों से छह हजार और जेई-लाइनमैन हाईटेंशन लाइन को हटवाने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगी थी। पैसों के लालच के चलते तीनों कर्मचारी एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गए।
पहला मामला झांसी जिले से सामने आया है। गांव स्यावरी निवासी वेदान्त अहिरवार बेटा धर्मपाल अहिरवार व भटपुरा निवासी बोबीराजा बेटा भगवानदास मऊरानीपुर आईटीआई में (आईसीटीएसएम) के छात्र हैं। उनकी पहले साल की वार्षिक परीक्षा के लिए सीबीटी वेरीफिकेशन होना था। जिस पर उन्होंने वहां नियुक्त आईसीटीएसएम की अनुदेशक रेनू वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीटी वेरीफिकेशन और प्रवेश पत्र जारी कराने के नाम पर वह 5000 हजार रुपए की मांग करने लगीं। छात्रों के अनुरोध पर 3000-3000 हजार रुपए प्रति छात्र तय हुआ था। उन्होंने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी में की।
एंटी करप्शन ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार
शुक्रवार को एंटी करप्शन झांसी के निरीक्षक अरविन्द कुमार सिंह के नेतृत्व में श्याम सिंह सहित अन्य टीम के साथ पहुंचे और केमिकल लगे नोट छात्रों को दिए। एंटी करप्शन की टीम के कहने पर छात्र तीन-तीन हजार यानी 6,000 हजार रुपए लेकर 11.22 बजे परिसर के फर्स्ट फ्लोर पर कक्ष वर्कशॉप पहुंचे। जैसे ही अनुदेशक ने रिश्वत ली तभी टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद वहां हड़कंप मच गया। टीम ने अनुदेशक रेनू वर्मा निवासी झांसी शहर कोतवाली थाना क्षेत्र मोहल्ला गुदड़ी को गिरफ्तार किया है। मऊरानीपुर थाने में उनके विरुद्ध सुसंग्मामला दर्ज कराकर जांच शुरू कर दी है।
प्लानिंक अनुरूप टीम ने की कार्रवाई
आईटीआई मऊरानीपुर के छात्र वेदान्त अहिरवार व बोबीराजा ने एंटी करप्शन इकाई झांसी में शिकायत की थी। इसके आधार पर टीम मऊरानीपुर पहुंचे। इससे पहले निरीक्षक अरविन्द कुमार सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक श्याम सिंह, इरशाद खां, राहुल कुशवाहा, ओमकार सिंह, शिवम कुमार द्विवेदी, जितेन्द्र सिंह, रोहिताश्व लहारिया, पुष्पेन्द्र कुमार, मनोज कुमार, महेन्द्र, वसीम सहित अन्य टीम के सदस्यों के साथ प्लांनिंग बनाई।
औरैया में 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते जेई-लाइनमैन गिरफ्तार
वहीं दूसरी ओर औरैया जिले के फफूंद क्षेत्र के सेहुदपुर गांव के रहने वाले दीपक बाबू दिल्ली-एनसीआर में फूड विभाग में ऑडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनके गांव में एक मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस मंदिर के ऊपर से ही हाईटेंशन लाइन गुजरी है। खतरे की आशंका को देखते हुए इस लाइन को हटवाने के लिए उन्होंने आवेदन किया था। इस लाइन को हटवाने के नाम पर जेई और लाइनमैन ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसमें से 11 हजार रुपये पहली किश्त के रूप में शुक्रवार को दिए जाने थे। इधर दीपक बाबू ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो लखनऊ में दर्ज करा दी। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम फफूंद के केशमपुर सब स्टेशन पहुंच गई। दीपक बाबू ने जैसे ही रिश्वत के रूप में 11 हजार रुपये दिए टीम ने लाइनमैन लल्लन कुशवाहा और जेई अजय कुमार पांडेय को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जेई अजय कुमार पांडेय अंतरा चुंगी कोतवाली बांदा का रहने वाला है, जबकि लाइनमैन लल्लन कुशवाहा केशमपुर फफूंद का निवासी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
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Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


