यूपी में एंटी करप्शन टीम का ऐक्शन जारी, अब इस जिले में बेटे संग पकड़ाया कर्मचारी
जब फैसला खारिज हो गया तो रामकुमार को लगा कि अब उसका मामला हल नहीं हो पाएगा लेकिन बंदोबस्त अधिकारी कार्यालय के चपरासी अमर सिंह ने रामकुमार से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वह मामले को हल करा सकता है। फैसला उसके पक्ष में हो जाएगा बस रुपये खर्च करने होंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश में एंटी करप्शन टीम का ऐक्शन जारी है। टीम को शिकायत मिली थी की फिरोजाबाद में बंदोबस्त अधिकारी कार्यालय के चपरासी और उसके बेटे द्वारा खेती की जमीन के बंटवारे के मामले में लगातार रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत को ट्रैस किया तो मामला सही पाया। दोनों को दबोचने के लिए जाल बिछाया और सोमवार को पिता पुत्र को 20 हजार रुपये की किसान से रिश्वत भिजवाई। जैसे ही रुपयों को हाथ में लिया तो दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। शिकोहाबाद थाने में दोनों को लेकर एंटी करप्शन टीम पहुंची और मुकदमा दर्ज कराया है।
मामला शिकोहाबाद के भूड़ा पुल आरौंज से जुड़ा है। यहां के रामकुमार उर्फ कुन्ना पुत्र श्रीनिवास जो पूर्व में होमगार्ड रहे हैं वह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। उनके परिवार की भूमि का बंटवारे को लेकर विवाद चला आ रहा है। इस मामले को बंदोबस्त अधिकारी फिरोजाबाद के सामने लाया गया था। मामले में सुनवाई के बाद 29 मई को खारिज कर दिया। जब फैसला खारिज हो गया तो रामकुमार को लगा कि अब उसका मामला हल नहीं हो पाएगा लेकिन बंदोबस्त अधिकारी कार्यालय के चपरासी अमर सिंह ने रामकुमार से संपर्क किया और कहा कि वह मामले को हल करा सकता है। फैसला उसके पक्ष में हो जाएगा बस रुपये खर्च करने होंगे।
किसान रामकुमार ने अपने भाई लक्ष्मण सिंह के साथ में आगरा पहुंचकर एंटी करप्शन टीम के पुलिस उपाधीक्षक को बताया कि फैसला कराने के नाम पर पूर्व में आरोपी चपरासी द्वारा एक लाख रुपये की वसूली की जा चुकी थी। चपरासी उसको फोन करके रुपयों की डिमांड करके परेशान करता था। वह लालच देता था कि फैसला पक्ष में करा देगा। उसके द्वारा 10 हजार रुपये भी आन लाइन पहले ही ट्रांसफर किए गए थे। एंटी करप्शन टीम को बताया कि 50 हजार रुपये लेने के बाद फैसला पक्ष में आने की बात कही है लेकिन फिलहाल 20 हजार रुपये लेने के लिए चपरासी राजी हो गया है।
मामले को लेकर रामकुमार ने एंटी करप्शन आगरा को जानकारी दी। एंटी करप्शन की टीम ने पहले अपने स्तर से मामले की जांच की तो आरोप सही पाए। सोमवार को चपरासी को दबोचने के लिए जाल बिछाया। उसको रुपये लेने के लिए दोपहर में करीब 12.40 बजे मक्खनपुर थाना क्षेत्र के बिल्टीगढ़ चौराहे पर बुलाया। एंटी करप्शन टीम ने दो महिला पुलिसकर्मियों को सादा पीले सलवार कुर्ते में तैनात कर दिया था ताकि कोई उनको पहचान न सके। वहीं नोटों पर केमिकल लगाने के बाद उनको थमाया गया। चपरासी अमर सिंह निवासी नगला तुरकिया मक्खनपुर अपने साथ में बेटे नीरज को भी लेकर पहुंचा था।
किसान रामकुमार ने चपरासी द्वारा बताई रकम 20 हजार रुपये पिता पुत्र के आते ही थमा दिए। रुपये हाथ में आते ही जैसे बेटे ने गिनने शुरू किए वैसे ही एंटी करप्शन की टीम ने पिता पुत्र को दबोच लिया। दोनों को सीधे शिकोहाबाद थाने लेकर पहुंची और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चपरासी अमर सिंह और उसके बेटे नीरज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। टीम के सदस्यों ने करीब 6 घंटे तक पिता पुत्र के साथ लगातार पूछताछ की। विभिन्न एंगलों पर उनके अलग अलग बयान भी लिए। उनकी पूछताछ के प्रश्नों और उनके द्वारा दिए जवाबों की रिपोर्ट तैयार की गई। पूरे मामले में कार्रवाई करने के बाद दोनों को आगरा के एंटी करप्शन कोर्ट में मंगलवार को पेश किया जाएगा। इसके बाद दोनों को जेल भेजा जाएगा।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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