यूपी में एक और पीसीएस अफसर ने मांगा वीआरएस, एसडीएम ने वजह क्या बताई?
यूपी में एक और पीसीएस अफसर ने वीआरएस मांगा है। पीसीएस सुबोध मणि शर्मा ने स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगाी है।

यूपी के एक और पीसीएस अफसर ने वीआरएस मांगा है। पीसीएस सुबोध मणि शर्मा ने स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगाी है। मौजूदा समय प्रतापगढ़ रानीगंज तहसील में उपजिलाधिकारी (न्यायिक) के पद पर तैनात हैं। उन्हें वर्ष 2024 में तहसीलदार से उपजिलाधिकारी के पद पर पदोन्नति मिली है।
पीसीएस सुबोध मणि ने नियुक्ति विभाग में वीआरएस के लिए प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने इसमें स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अब वे नौकरी कर पाने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए उनके आवेदन पर विचार करते हुए वीआरएस दिया जाए। नियुक्ति विभाग उनके प्रार्थना पत्र पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही उनके वीआरएस को मंजूर कर दिया जाएगा।
पीसीएस सुबोध मणि शर्मा ने बातचीत में स्वीकार किया है कि उन्होंने वीआरएस के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने स्वयं बताया कि तहसीलदार से उपजिलाधिकारी के पद पर उनकी पदोन्नति हुई है। स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों के चलते अब वे नौकरी कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। इसीलिए उन्होंने वीआरएस मांगा है। यहां बता दें कि इसके पहले 26 जनवरी 2026 को पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार न कर उन्हें निलंबित कर दिया था।
आईएएस अनामिका के वीआरएस को मिल चुकी है स्वीकृति
इससे पहले यूपी की आइएएस अधिकारी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) स्वीकृत मिली थी। 2004 बैच की आईएएस अनामिका सिंह ने पारिवारिक कारणों से वीआरएस मांगा थी। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) ने उनका आवेदन स्वीकार कर लिया। अनामिका सिंह खाद्य आयुक्त के पद पर कार्यरत थीं। उनकी सेवाएं मार्च 2038 तक बाकी था। पिछले वर्ष सितंबर में उन्हें बरेली का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने वहां पदभार ग्रहण नहीं किया था। बाद में उनका तबादला निरस्त कर खाद्य आयुक्त बना दिया गया था।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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