यूपी के एक और IAS का इस्तीफा, रिटायरमेंट से आठ महीने पहले रजनीश चंद्र ने मांगा वीआरएस
आईएएस रिंकू के बाद यूपी के एक और आईएएस अफसर ने इस्तीफा दे दिया। आईएएस रजनीश चंद्र के इस्तीफे की खबर से सनसनी फैल गई। रजनीश चंद्र इसी साल दिसंबर में रिटायर होने वाले हैं।

IAS Resigns: आईएएस रिंकू के बाद यूपी के एक और आईएएस अफसर ने इस्तीफा दे दिया। आईएएस रजनीश चंद्र के इस्तीफे की खबर से सनसनी फैल गई। रजनीश चंद्र इसी साल दिसंबर में रिटायर होने वाले हैं। उन्होंने इस्तीफा भेजकर सरकार से 30 अप्रैल से वीआरएस मांगा है। उन्होंने पीसीएस अधिकारी के रूप में सेवा शुरू की थी। मौजूद समय में रजनीश चंद्र ग्राम्य विकास विभाग के विशेष सचिव पद पर तैनात हैं। नियुक्ति विभाग को भेजे गए इस्तीफे की वजह रजनीश चंद्र ने निजी कारण बताए हैं।
लखीमपुर खीरी के रहने वाले रजनीश चंद्र 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 1966 में हुआ था। रजनीश ने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की थी। इसी दौरान रजनीश ने सिविल सर्विस की तैयारी भी शुरू कर दी। जिसका उन्हें फल भी मिला। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रजनीश का पीसीएस में चयन हो गया। इस दौरान रजनीश कई जिलों में एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रहे। कुछ जिलों में रजनीश एडीएम और मुख्य विकास अधिकारी भी रहे। अक्टूबर 2021 में पीसीएस से आईएएस कैडर में रजनीश का प्रमोशन हो गया। इसके बाद उन्हें अपर निदेशक समाज कल्याण और सचिव एससी/एसटी के पद पर तैनाती मिली। इसके बाद उन्हें ग्राम विकास विभाग में विशेष सचिव पद पर तैनाती दी गई।
31 मार्च को आईएएस रिंकू सिंह ने दिया था इस्तीफा
31 मार्च को यूपी कॉडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने काम न मिलने से नाराज होकर मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा है और इसकी प्रति मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व परिषद के साथ प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक को भेजी है। रिंकू सिंह मौजूदा समय राजस्व परिषद में संबद्ध हैं। वह अलीगढ़ के रहने वाले हैं और बीटेक एमए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से अपनी पूर्ववर्ती सेवा में समाज कल्याण विभाग में भेजने का अनुरोध किया है। रिंकू सिंह ने राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में कहा है कि एसडीएम रहते हुए उनके द्वारा किए गए अच्छे कामों के बाद भी कार्रवाई करते हुए उन्हें दरकिनार कर दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं मिल पा रहा है। जनसेवा के लिए जिलों में पोस्टिंग जरूरी है। जिलों में मिला अनुभव शासन में नीति निर्धारण में काम आता है। उन्होंने अपने इस्तीफे को नैतिक निर्णय बताया था।
पीसीएस अलंकार के इस्तीफे ने गर्माया था सियासी माहौल
यूपी में जनवरी 2026 में पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर सनसनी मचा दी थी, हालांकि बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। चंद दिनों पहले ही राजस्व परिषद में संबद्ध रिंकू सिंह राही ने राष्ट्रपति को इस्तीफा भेजा है। इसके पहले यूपी में राजीव अग्रवाल, मोहम्मद मुस्तफा, आमोद कुमार, रेणुका कुमार, जूथिका पाटणकर, विकास गोठलवाल, विद्या भूषण, रिग्जिन सैम्फिल, राकेश वर्मा, अभिषेक सिंह और अनामिका वर्मा वीआरएस ले चुकी हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


