MP बर्क के पिता के चुनाव लड़ने के ऐलान से गरमाई सियासत, दावेदारी का समीकरण होगा दिलचस्प
यूपी के संभल सांसद बर्क के पिता के चुनाव लड़ने के ऐलान से सियासी हलचल तेज हो गई। मौलाना बर्क के इस कदम को संभल की राजनीति में एक नए शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

यूपी में संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क द्वारा संभल विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद जिले के सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। मौलाना बर्क के इस कदम को संभल की राजनीति में एक नए शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टिकट की दावेदारी का समीकरण बेहद दिलचस्प हो गया है।
मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क ने अपनी दावेदारी पेश करते हुए आत्मविश्वास के साथ कहा कि आवाम उनके साथ है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि समाजवादी पार्टी उन्हें ही टिकट देगी। उन्होंने तर्क दिया कि जनता का प्रतिनिधित्व उसे ही मिलना चाहिए जो उनकी आवाज को मजबूती से उठा सके। उनके इस मुखर अंदाज ने पार्टी के भीतर और बाहर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
दूसरी ओर, संभल के वरिष्ठ सपा विधायक इकबाल महमूद ने इस पर बेहद सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने किसी भी तरह के सीधे टकराव से बचते हुए गेंद सांसद के पाले में डाल दी। विधायक ने कहा, जो बात है, वह सांसद जियाउर्रहमान बर्क से पूछिए। पिता क्या कह रहे हैं, उससे मुझे लेना-देना नहीं। उनके बेटे मौजूदा सांसद हैं, आप उनसे बात करिए। उन्होंने मर्यादा का परिचय देते हुए यह भी जोड़ा कि वे सांसद का लिहाज करते हैं क्योंकि वे उम्र में छोटे हैं, इसलिए इस विषय पर अधिक टिप्पणी नहीं करेंगे।
दो परिवारों की पुरानी सियासी अदावत
संभल की राजनीति में बर्क और इकबाल परिवार का प्रभाव दशकों पुराना है। हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों परिवार आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर नजर आए थे, लेकिन अब विधानसभा टिकट की दावेदारी ने एक बार फिर पुरानी प्रतिस्पर्द्धा को चर्चा में ला दिया है। विधायक इकबाल महमूद द्वारा अपने बेटे सुहैल इकबाल को उत्तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ाने के संकेतों के बाद अब बर्क परिवार की ओर से मौलाना ममलूकुर्रहमान की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
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लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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