
घूस की बात सुनते ही भड़के योगी के मंत्री, जेई को किया सस्पेंड, दो को नोटिस और एक की गई नौकरी
घूस की शिकायत सुनते ही योगी सरकार के मंत्री एके शर्मा भड़क गए। उन्होंने तुरंत ऐक्शन लेते जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया। दो अफसरों को स्पष्टीकरण नोटिस देते हुए जवाब मांगा। एक लाइन मैन की सेवा समाप्त कर दी है।
योगी सरकार में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर जनसुनवाई की। इस दौरान योगी सरकार के मंत्री एके शर्मा भड़क गए वजह थी बिजली विभाग में रिश्वतखोरी का मामला। मंत्री एके शर्मा ने विद्युत विभाग में रिश्वतखोरी की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाया। मंत्री के निर्देश पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक लाइनमैन की सेवा समाप्त कर दी, जबकि एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही दो वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण नोटिस देकर भी तलब किया गया है।
जनसुनवाई के दौरान अमरोहा जिले के नौगांव सादात निवासी मोहम्मद यूसा पुत्र कासिम ने विद्युत संयोजन देने के नाम पर रिश्वत मांगे जाने तथा कार्य में जानबूझकर देरी किए जाने की शिकायत मंत्री के समक्ष रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने तत्काल पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता से फोन पर वार्ता कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री के निर्देशों के क्रम में जूनियर इंजीनियर राजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि लाइनमैन अब्बास की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके अतिरिक्त एसडीओ रितेश प्रसाद एवं अधिशासी अभियंता राहुल निगम को नियम-10 के तहत स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि विद्युत विभाग का उद्देश्य जनता की सेवा करना है, न कि उन्हें परेशान करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार, घूसखोरी और लापरवाही के मामलों में प्रदेश सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। मंत्री ने कहा कि आम नागरिकों को परेशान करने वाले अधिकारी या कर्मचारी किसी भी स्तर पर हों, उनके खिलाफ बिना भेदभाव सख्त कार्रवाई की जाएगी।





