लखनऊ नगर निगम में फर्श पर बैठ गए गुस्साए विधायक रविदास मेहरोत्रा, पार्षदों के साथ प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा अपने पार्षदों और नेताओं के साथ नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद वह फर्श पर बैठ गए और प्रदर्शन किया।

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम पर विपक्ष के पार्षदों और उनके इलाकों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सोमवार को प्रदर्शन किया। लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा अपने पार्षदों और नेताओं के साथ नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद वह फर्श पर बैठ गए और प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने खूब नारेबाजी भी की।
उनका कहना था कि पिछले कई दिनों से उनके विधानसभा क्षेत्र में पानी, सड़क और साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है। लेकिन, नगर निगम की लापरवाही से कोई काम नहीं हो रहा है। उनके क्षेत्र में लोगों को पानी नहीं मिल रहा है और नगर निगम ने जल कर बढ़ा दिया। समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में बहुत समस्याएं हैं। बावजूद इसके नगर निगम उन समस्याओं दूर नहीं कर पा रहा है। जगह-जगह कूड़ के ढेर लगे हैं जिस वजह से बीमारियां फैल रही हैं। कूड़ा हटाने के बजाय उस पर टैक्स लगाया जा रहा है। लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाना था लेकिन यहां स्मार्ट टैक्स लगाए जा रहे हैं। पानी नहीं मिल रहा है और जल कर बढ़ा दिया गया है।
सड़क से लेकर विधानसभा तक लोगों के लिए लड़ाई लड़ेंगे
प्रदर्शन में शामिल सपा की राष्ट्रीय सचिव लता जायसवाल ने कहा कि सरकार सबको एक नजर से नहीं देख रही है। हमारे पार्षदों को बजट नहीं दिया जा रहा है। हमारे क्षेत्रों में पानी की बहुत समस्या है। नाली खराब है, सबमर्सिबल खराब है। जो पानी आ भी रहा है, वह गंदा है। उसे पी नहीं सकते। सपा पार्षदों के पास फंड नहीं है। पार्षदों को फंड पता नहीं कब मिलता है। सरकार के पास जब भी जाओ तो यही कहा जाता है कि फंड होगा तो मिलेगा। यह फंड पता नहीं कहां रहता है। 2027 में जब अखिलेश भैया की सरकार आएगी तो हमको इनको बताएंगे। सपा प्रदेश सचिव शबनम खान ने कहा कि हम लोग यहां जनता के मुद्दे लेकर आए थे। नाली भरी हुई हैं, सीवर चैंबर फुल हैं। सड़कें टूटी हुई हैं। सपा पार्षदों के वार्डों में कोई काम नहीं होता। पार्षदों के पास अपनी 2 करोड़ 10 लाख रुपए की विकास निधि होना जुमला है। कोई पार्षद निधि नहीं है।
समाजवादी पार्टी की प्रमुख मांगें-
छत्ते वाले पुल के पास सड़क जर्जर, गहरे गड्ढों से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। मरम्मत जरूरी।
मध्य विधानसभा क्षेत्र के खुले नालों को दुर्घटना रोकने के लिए पूर्णतः ढंका जाए।
17 वार्डों में लगी पानी की टंकियां खराब, तत्काल मरम्मत आवश्यक।
लगभग 8 वार्डों में स्ट्रीट लाइट नहीं, नई लाइटें शीघ्र लगें।
कई स्थानों पर पेयजल लाइनों में सीवर पानी मिलना गंभीर समस्या।
विकास कार्यों के शिलापट्टों पर विधायक का नाम अंकित किया जाए।
प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम कार्रवाई करे।
कई सड़कों की जर्जर स्थिति से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त।
खराब ट्यूबवेल तत्काल ठीक कराएं, नए ट्यूबवेल भी लगाए जाएं।
श्मशान घाट और कब्रिस्तान के विकास में अभाव से अंतिम संस्कार में कठिनाई हो रही है।
सफाईकर्मियों की कमी से सफाई और सीवर व्यवस्था नियमित नहीं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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