
SIR ड्यूटी में लगे एक और BLO की गई जान, बिजनौर में आंगनबाड़ी की मौत, परिजन बोले- काम का दबाव था
यूपी में एसआईआर ड्यूटी लगे एक और बीएलओ की मौत हो गई। बिजनौर में आंगनबाड़ी के पद पर तैनात एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन पर एसआईआर का बोझ था।
यूपी में एसआईआर के काम में लगे एक और बीएलओ की शनिवार को मौत हो गई। बिजनौर में आंगनबाड़ी के पद पर तैनात एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन पर एसआईआर का बोझ था। उधर, सिद्धार्थनगर में एक बीएलओ ड्यूटी के दौरान अचानक बेहोश हो गए।
जानकारी के अनुसार धामपुर के मोहल्ला बाड़वान की रहने वालीं 50 साल की शोभा रानी मोहल्ले में ही आंगनबाड़ी के पद पर कार्यरत थीं। चुनाव आयोग ने उन्हें बीएलओ का कार्यभार सौंप रखा था, जिसके चलते वह मोहल्ला बाड़वान में बूथ नंबर 97 पर तैनात थीं। बताया जाता है कि शनिवार सुबह घर पर शोभारानी की तबीयत अचानक बिगड़ी तो परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि शोभारानी पिछले कई दिनों से एसआईआर के फार्मों के बोझ के चलते परेशान थीं। कार्य का बोझ और अधिकारियों के दबाव के कारण उनका स्वास्थ्य खराब होता जा रहा था। वे रात रातभर जागकर फार्म ऑनलाइन करने में जुटी हुई थीं। इसके चलते ही शनिवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत गई। वहीं, इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी विमल चौबे का कहना है कि एलओ पर एसआईआर में कार्य करने का कोई दबाव नहीं है, सभी बीएलओ बिना किसी दबाव के एसआईआर की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। बीएलओ शोभा रानी सामान्य रूप से कार्य कर रही थीं। वह मधुमेह से पीड़ित थीं और उनका स्वास्थ्य खराब था, एसआईआर के कार्य के दबाव के कारण मौत जैसी कोई बात नहीं है।
देवरिया में लेखपाल की मौत
देवरिया के सलेमपुर विकास खंड के बरवा गांव निवासी 35 वर्षीय आशीष कुमार सलेमपुर तहसील में लेखपाल थे और लार सर्किल में उनकी तैनाती थी। शनिवार सुबह एसआईआर कार्य की ड्यूटी पर उनकी तबीयत बिगड़ गई। गोरखपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल ले इलाज के दौरान शाम में उनकी मौत हो गई। साथी लेखपालों का आरोप है कि एसआईआर संबंधी कार्य को लेकर दो दिन पहले उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसके बाद से वह अधिक दबाव में आ गए थे। वहीं प्रशासन ने इससे इनकार किया है।





