ITBP जवान की मां के कटे हाथ मामले में 800 पेज की चार्जशीट, 5 डॉक्टर- 4 प्रबंधक को माना जिम्मेदार

प्रमुख् संवाददाता, कानपुर
Follow us on Google News
share

आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने की मां का हाथ गैंगरीन के चलते पारस में काटना पड़ा था। सीपी रघुबीर लाल के निर्देश पर CMO ने जांच को 6 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। रिपोर्ट में सामने आया कि कृष्णा अस्पताल में निर्मला सिंह के हाथ का इलाज ही नहीं हुआ। जबकि पारस में करीब 20 घंटे बाद इलाज मिला।

ITBP जवान की मां के कटे हाथ मामले में 800 पेज की चार्जशीट, 5 डॉक्टर- 4 प्रबंधक को माना जिम्मेदार

आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में रेलबाजार पुलिस ने करीब 800 पेज की चार्जशीट मंगलवार को दाखिल कर दी है। इसमें कृष्णा और पारस हास्पिटल के चार प्रबंधकों व पांच डॉक्टरों को दोषी माना गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों अस्पतालों से जब्त किए गए सीसीटीवी फुटेज, सीएमओ की छह सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट, दोनों अस्पतालों में हुए इलाज, कर्मियों के बयानों को आधार बनाया गया है। आईटीबीपी जवान विकास सिंह और उनकी मां निर्मला सिंह की गवाही भी अहम रही।

फतेहपुर निवासी आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने की मां का हाथ गैंगरीन के चलते पारस में काटना पड़ा था। सीपी रघुबीर लाल के निर्देश पर सीएमओ ने जांच को छह सदस्यीय कमेटी बनाई थी। रिपोर्ट में सामने आया कि कृष्णा अस्पताल में निर्मला सिंह के हाथ का इलाज ही नहीं हुआ जबकि पारस में करीब 20 घंटे बाद इलाज मिला। सीपी के आदेश पर विकास की तहरीर पर रेलबाजार पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि इस मामले में कृष्णा और पारस के प्रबंधकों और डॉक्टरों को नोटिस भेजकर 10 सवालों के जवाब मांगे गए थे। बयानों, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पारस के डॉ. शिवम दीक्षित, डॉ. उत्कर्ष कुमार, डॉ. तरुण कुमार, प्रबंधकों प्रसीद व रजत बजाज के साथ कृष्णा के डॉ. विजय चौरसिया, डॉ. अनुज मेहरोत्रा और प्रबंधकों आशीष कुमार व धीरज उपाध्याय पर चार्जशीट दाखिल की गई है। वहीं, सीएमओ व मेडिकल कॉलेज के बीच फुटबाल बने हाथ को पुलिस को फिर वापस कर दिया गया है। हाथ रेलबाजार थाने के मालखाने में रखवाया गया है।

मौसेरी बहन ने सबसे पहले देखा काला हाथ

मामले में रेलबाजार पुलिस ने जवान की मौसेरी बहन सविता के बयान मंगलवार को दर्ज किए। उसके बाद ही चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस ने सविता के बयान को अहम कड़ी माना है। सविता ने पुलिस को बताया कि जब हाथ को खोला गया तो वह वहां थी। लापरवाही से इलाज होने के चलते हाथ काला पड़ चुका था।

यह था मामला

आईटीबीपी 32वीं वाहिनी में तैनात जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी की 13 मई को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। सांस लेने में तकलीफ के साथ ही उन्हें हार्ट की भी समस्या थी। विकास ने मां को उसी दिन कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया, जहां 14 मई की शाम तक वह भर्ती रहीं। इस दौरान उनका दाहिना हाथ काला पड़ने लगा। 14 मई की शाम विकास मां को पारस हास्पिटल ले गए जहां 17 मई को उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। 20 मई को सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निर्देश के बाद विकास ने मां का कटा हाथ पुलिस को सौंप दिया था।

क्या बोले अधिकारी

डीजीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि 800 पेज की चार्जशीट रेलबाजार पुलिस ने दाखिल की है। पारस अस्पताल के पांच और कृष्णा अस्पताल के चार लोगों की भूमिका गलत मिली है। जवान को जल्द से जल्द इंसाफ दिलाया जाए। इसलिए चार्जशीट लगा दी गई है।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।