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25 जनवरी, 2020|2:07|IST

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दूसरे दिन भी जारी रहा बूंदाबांदी का सिलसिला

दूसरे दिन भी जारी रहा बूंदाबांदी का सिलसिला

बीती रात से शुरू हुआ हल्की बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी पूरे दिन जारी रहा। रूक-रूक कर हल्की बारिश होती रही। सर्द हवाओं के चलने से पारा लुढ़क गया है। इससे मौसम में गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। ठंड से आबादी ठिठुर उठी। उधर मौसम के बदले मिजाज ने अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।सर्दियों के दिनों में बारबार मौसम खराब हो रहा है। फसलों पर मौसम की मार पड़ रही है। पूर्व में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि की मार से किसान अभी तक उभर नहीं पाए हैं। बावजूद इसके बारबार मौसम खराब हो रहा है। खराब मौसम के चलते जिले में गेहूं की बुवाई का क्षेत्रफल पूरा नहीं हुआ है। गेहूं की बुआई लेट हो गई है। जो गेहूं बोया जा चुका है उसे बारिश से नुकसान हुआ है। दूसरी और घना पाला और कोहरा आलू, सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। अन्य फसलें भी प्रभावित हैं। सब्जियों की फसलों पर भी मौसम की मार पड़ रही है। बुधवार की रात से एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है। रात में हल्की बारिश हुई। गुरुवार को भी पूरे दिन बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। 12 बजे से लेकर एक बजे तक अमरोहा में अच्छी बारिश हुई है। इसके बाद भी मौसम खुला नहीं है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने से मौसम और सर्द हो गया है। पारा लुढ़क गया है। इससे सर्दी और बढ़ गई है। मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि इन दिनों के साथ ओलावृष्टि और तेज हवा चलने का खतरा बना रहता है। इसी लिए अब बारिश नहीं पड़नी चाहिए, धूप खिलनी चाहिए।

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  • Web Title:The process of drizzle continued for the second day