रामकथा : मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन आदर्शों पर चलने की सीख दी
Amroha News - सिद्धि विनायक समूह द्वारा वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में आयोजित श्रीरामकथा के अंतिम दिन संत स्वामी दिलीप दास महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीराम का...

सिद्धि विनायक समूह के संयोजन में वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में आयोजित श्रीरामकथा के अंतिम दिन शनिवार को अयोध्या धाम से पहुंचे कथा व्यास संत स्वामी दिलीप दास महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की महिमा का बखान किया। कहा कि श्रीराम का जीवन हम सबके लिए मानक है। श्रीराम अनुशासन, चरित्र निर्माण, सत्यनिष्ठा, प्रेम, सदाचार, दान एवं दयालुता के सर्वोच्च स्तंभ है। राम शब्द इतना महान है कि स्वयं प्रभु श्रीराम भी उसकी महत्ता का बखान नहीं कर सकते। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सिर्फ भगवान ही नहीं बल्कि मृतप्राय जीव में भी आशा का संचार कर अमरत्व की प्राप्ति करने के उद्घोषक हैं। समापन दिवस के मुख्य यजमान विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति एवं अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता डा.राजीव त्यागी ने भी अपने विचार रखे। कहा कि जगत के पालनहार भगवान विष्णु के सातवें अवतार प्रभु श्रीराम के आदर्श हर युग में प्रासंगिक है। प्रभु श्रीराम का जीवन दर्शन दया, धर्म, प्रेम, करुणा, चरित्र निर्माण, सदाचार एवं अनुशासन का सर्वोच्च आधार स्तंभ है, जो हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस दौरान सिद्धि विनायक समूह के अध्यक्ष डा.अमित गिरि, सचिव एवं इतिहासकार डा.अनीता गोस्वामी, संरक्षक शिव कुमार गिरि, कमला देवी, रोहित गुप्ता, संदीप गिरि, अंजू रानी, राजीव कुमार, अमरीश गोस्वामी, मेरठ परिसर निदेशक डा.प्रताप, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि मौजूद रहे।
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