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अमरोहा

गन्ने की फसल को लगा रोग, किसानों की चिंता बढ़ी

हिन्दुस्तान टीम,अमरोहाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 06:10 PM
गन्ने की फसल को लगा रोग, किसानों की चिंता बढ़ी

गजरौला। संवददाता

गन्ने की फसलों को कंसुआ व अगोला छेदक रोग लग रहा है। जिससे किसानों को फसलों को लेकर चिंता सता रही है। दरअसल बरसात के मौसम में फसलों में रोग ज्यादा लगने की संभावना बनी रहती है। किसान दवाओं का स्प्रे करके अपनी फसलों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं।

गजरौला कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डा.एके मिश्रा ने बताया कि खेतों में खड़ी गन्ने की फसल इस समय बढ़वार पर है। गन्ने की फसल में मुख्य रूप से कंसुआ और अगोला छेदक कीट का प्रकोप सबसे ज्यादा हो रहा है। जबकि गन्ने की पेडी में काला चिट्ठा रोग लग रहा है। किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए फिप्रोरोनिल दानेदार 25 से 30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या कारटप हाइड्रोक्लोराइड दानेदार 20 से 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर खेतों में डालें। उसके बाद में हल्का पानी चला दें। जो किसान कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करना चाहते हैं। वह मोनोक्रोटोफॉस 30 प्रतिशत 1.50 लीटर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से या इमिडाक्लोप्रिड 250 से 300 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 400 से 500 लीटर पानी में घोल बनाकर शाम के समय गन्ने की फसल पर छिड़काव कर सकते हैं। ध्यान रहे अगर आप छिड़काव कर रहे हैं तो आप के खेत से मृत गोभ या सूखी गोभ है, उन सभी को खेत से निकाल दिया जाए और उसके बाद ही छिड़काव किया जाए और उसका छिड़काव इस तरह से करें कि आपकी गोभ में उसका पानी अवश्य जाएं। इसके अलावा काला चिट्ठा रोग फसल को सुखा देता है। इसको सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पहले खेतों में आसानी से इसको देख सकते हैं। बहुत अधिक प्रकोप की अवस्था में यह आपके पत्तियों के ऊपर गुच्छों के रूप चिपके रहकर रस चूसते हुए दिखाई दे जाएंगे। उपरोक्त दवाओं से इस कीट से गन्ने की फसलों को बचाया जा सकता है।

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