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Hindi News उत्तर प्रदेश अमरोहाश्रीमद् भागवत कथा में सुनाया ताड़का का वृतांत

श्रीमद् भागवत कथा में सुनाया ताड़का का वृतांत

हसनपुर क्षेत्र के हथियाखेड़ा के चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास बृजराज बिहारी ने ताड़का का वृतांत...

हसनपुर क्षेत्र के हथियाखेड़ा के चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास बृजराज बिहारी ने ताड़का का वृतांत...
1/ 2हसनपुर क्षेत्र के हथियाखेड़ा के चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास बृजराज बिहारी ने ताड़का का वृतांत...
हसनपुर क्षेत्र के हथियाखेड़ा के चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास बृजराज बिहारी ने ताड़का का वृतांत...
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Newswrapहिन्दुस्तान टीम,अमरोहाSun, 01 Nov 2020 12:42 PM
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हसनपुर क्षेत्र के हथियाखेड़ा के चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास बृजराज बिहारी ने ताड़का का वृतांत सुनाया। बताया की ताड़का रामायण की पात्र है। वह सुकेतु यक्ष की पुत्री थी जिसका विवाह सुड नामक राक्षस के साथ हुआ था।

बताया कि वह अयोध्या के पास सुंदर वन में अपने पति और दो पुत्रों सुबाहु और मारीच के साथ रहती थी। उसके शरीर में हजार हाथियों का बल था। उसके प्रकोप से सुंदर वन का नाम ताड़का वन पड़ गया। उसी वन में विश्वामित्र समेत अनेक ऋषि-मुनि भी रहते थे। उनके जप, तप और यज्ञ में ये राक्षस हमेशा बाधा खड़ी करते थे। विश्वामित्र राजा दशरथ से अनुरोध कर राम और लक्ष्मण को अपने साथ सुंदर वन लाए। राम ने ताड़का का और विश्वामित्र के यज्ञ की पूर्णाहूति के दिन सुबाहु का वध कर दिया। मारीच उनके बाण से आहत होकर दूर दक्षिण में समुद्र तट पर जा गिरा। इस दौरान ओंकार सिंह, डोरी सिंह, डा.विक्रम सिंह, कमल सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, खेम सिंह, चंद्रपाल सिंह, होते सिंह, चंद्रभान सिंह, मनवीर सिंह, सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।

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