Amroha News: छात्रों ने शिया इमाम की दुआएं मगफिरत के लिए उठाए हाथ
Amroha News: शिया धर्मगुरु और समाज सुधारक मौलाना डॉ. मोहम्मद सियादत नकवी के इंतकाल पर आईएम इंटर कॉलेज में शोकसभा का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. जमशेद कमाल ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि मौलाना की लिखी किताबें उनकी विरासत हैं। कॉलेज के छात्र और स्टाफ मौके पर मौजूद रहे।

Amroha News: शिया धर्मगुरु, शिक्षाविद और समाज सुधारक के साथ अदब नवाज रहे शिया शहर इमाम मौलाना डॉ.मोहम्मद सियादत नकवी के इंतकाल पर मंगलवार को शहर के आईएम इंटर कॉलेज में भी शोकसभा का आयोजन किया गया। शिक्षकों व छात्रों ने उनकी मगफिरत की दुआ की। साथ ही विद्यालय में शिक्षक उनके बेटे मौलाना डॉ.एहसन अख्तर सरोश से मिलकर मौलाना के इंतकाल पर दुख का इजहार किया।
मौलाना की विशेषताएँ
प्रधानाचार्य डॉ.जमशेद कमाल ने मौलाना सियादत नकवी से जुड़ी यादों का जिक्र करते हुए कहा कि मौलाना किसी जिस्म का नाम नहीं बल्कि वह एक तहरीक थे, बेहतरीन सिफतों का समंदर आज कब्र के कूजे में समा गया। मौलाना की लिखी कीमती किताबें जब तक मौजूद हैं, मौलाना जिंदा हैं। उन्हें कोई मुर्दा नहीं कह सकता।
इस्लाम का संदेश
इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के बारे में तकरीरें देने के साथ-साथ, वे उन लोगों की इस्लाम की समझ की जरूरतों को भी पूरा करते थे जो ऐसे देशों में रहते थे जहां इस्लाम की मान्यताओं और रीति-रिवाजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। दूसरे मौलानाओं से जुदा सियादत नकवी आसान उर्दू में बयान देते थे, जिसमें वह अंग्रेजी के कुछ शब्द भी शामिल करते थे, ताकि युवा उनके संदेश को समझ सकें। इस दौरान कॉलेज का समस्त स्टाफ व छात्र मौजूद रहे।


