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कड़ाके की सर्दी से ठिठुर रहा जनजीवन

कड़ाके की सर्दी से ठिठुर रहा जनजीवन

संक्षेप:

Amroha News - अमरोहा में कड़ाके की सर्दी और कोहरे से जनजीवन बेहाल है। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक गिर गया है, जिससे लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। ठंड से मजदूरों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में और ठंड के आने की संभावना जताई जा रही है।

Jan 04, 2026 01:35 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अमरोहा
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अमरोहा, संवाददाता। रविवार को भी आसमान में बादल और कोहरे की धुंध छाई रही। कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। लोग ठंड से ठिठुरने को विवश नजर आ रहे हैं। हालांकि दोपहर बाद सूर्य देव ने दर्शन दिए। कुछ समय के लिए धूप खिलने से सर्दी से मामूली राहत मिली। शाम ढलते ही फिर कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई। सर्दी से बचने के लिए लोग अपने घरों में कैद हो गए। रास्ते और बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया।मौसम में ठिठुरन और गलन बढ़ गई है। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त नजर आया। गर्म कपड़े में लिपटे हुए लोगों की सर्दी से कंपकंपी छूटती रही।

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पहाड़ों पर बर्फबारी व रात्रि में पाला पड़ने से तापमान में भारी गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री से घटकर 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री से घटकर का 17 डिग्री पर पहुंच गया है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। खराब मौसम के चलते नेशनल हाइवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। बस और ट्रेन लेट होने से यात्री परेशान रहे। शीतलहर चलने की वजह से बाजार पर भी असर नजर आ रहा है। लोगों का घर से निकलना बंद हो गया है। तापमान बेहद तेजी के साथ नीचे जा रहा है। कोहरे के चलते नेशनल हाइवे पर वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में ठिठुरन और गलन बढ़ गई है। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त नजर आया। गर्म कपड़े में लिपटे हुए लोगों की सर्दी से कंपकंपी छूटती रही। कामकाजी लोगों को छोड़कर अधिकांश लोग सर्दी से बचने के लिए लोग अपने घरों में कैद रहे। मौसम के और भी सर्द होने की उम्मीद की जा रही है। ठंड के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी मजदूरों के समक्ष उत्पन्न हो गई है। हर दिन काम कर अपने परिवार का पेट पालने वाले मजदूर ठंड में ठिठुरते हुए काम करने को विवश हैं। छोटे बच्चों, बीमार लोगों और सांस संबंधी रोग से परेशान लोगों के लिए भी यह ठंड काफी कष्टकारी साबित हो रही है। ठंड बढ़ने के साथ ही मौसम आधारित बीमारियों की चपेट में भी लोग आने लगे हैं। मौसमी बीमारियों के बढ़ने के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी नजर आ रही है।