श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन ज्ञान और वैराग्य का प्रसंग सुनाया
Amroha News - हसनपुर। हसनपुर क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के
हसनपुर क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन कथा वाचक मोहित भारद्वाज ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रसंगों का वर्णन किया। भक्तों ने ध्यानपूर्वक कथा का श्रवण किया। शुक्रवार देर शाम कथा के प्रथम दिन कथा वाचक मोहित भारद्वाज ने द्वारा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की कथा का वर्ण न किया गया। प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भक्ति के दो पुत्र हैं, ज्ञान और वैराग्य, जो संसार में मोह के कारण वृद्ध हो गए हैं। भागवत कथा के श्रवण से ये दोनों पुनः युवा हो जाते हैं। दिव्य ज्ञान मनुष्य के भीतर की आसक्ति, ममता और अज्ञान की गाठों को काट डालता है।
कथा भागवत के महत्व को दर्शाती है कि कैसे पापी व्यक्ति का भी उद्धार हो सकता है, अगर वह पूरे सात दिनों तक श्रद्धा से श्री मदभागवत कथा सुने तो उसे निश्चित ही परमात्मा की प्राप्ति होती है। कथा का मुख्य उद्देश्य सांसारिक दुखों से मुक्त होकर भक्ति प्राप्त करना है। वैराग्य का अर्थ है कि कथा संसार को छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि संसार में रहते हुए मोह को त्यागने और भगवान से जुड़ने का संदेश देती है। इस दौरान नंदकिशोर सिंह, ननुआ सिंह, ओमपाल सिंह, मास्टर पूरन सिंह, लाल सिंह, दयाराम सिंह, जगदीश सिंह ठेकेदार, पूरन सिंह, विनोद कुमार, प्रशांत, सनी आदि मौजूद रहे।
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